श्री हरमंदिर साहिब की तरफ जाने वाले मुख्य मार्ग हेरिटेज स्ट्रीट में लगे सभ्याचारक बुत के हटाए जाने से उत्साहित सिख संगठनों ने अब सचखंड की तरफ जाने वाले सभी रास्तों पर स्थित पान-बीड़ी सिगरेट, मीट की दुकानों व शराब के ठेकों को हटाने के लिए मंगलवार को मार्च निकाला। मार्च में श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी जोगिंदर सिंह वेदांती व ज्ञानी गुरुबचन सिंह ने भी शामिल होकर अपना समर्थन दिया।
मार्च की अगुवाई समाज सुधार सेवा सोसाइटी के मुख्य सेवादार रंजीत सिंह ने की। यह मार्च महा सिंह गेट से शुरू होकर हेरिटेज स्ट्रीट से होता हुआ श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के सचिवालय में जाकर खत्म हुआ। जत्थेदार वेदांती ने कहा कि पंजाब सरकार रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, हॉल गेट, चौक महा सिंह, थाना बी डिवीजन गेट, बाबा दीप सिंह चौंक और धर्म सिंह मार्केट से इस प्रकार सभी दुकानों को हटाकर सिखों की मांगों को स्वीकार करे। उन्होंने कहा की सचखंड में लाखों श्रद्धालु माथा टेकने के लिए पहुंचते है। वहीं जब वे रेलवे स्टेशन बस स्टैंड में पहुंचते है तो वहां वे शराब, मीट व पान-बीड़ी की दुकानों को देखते हैं। इससे उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचता है।
पंजाब सरकार इन दुकानों को हटा कर गुरु नगरी को पवित्र शहर का दर्जा दे। श्री हरमंदिर साहिब की तरफ जाने वाले सभी रास्तों में श्रद्धालुओं के लिए छबील व लंगर लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कई बार यह मुद्दा सिख संगठन उठा चुका है, लेकिन यह पहली बार है की इस प्रकार के मार्च में श्री अकाल तख्त साहिब के दो पूर्व जत्थेदारों का समर्थन मिला हो। पंजाब सरकार ने 1984 के ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद से सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के आसपास 500 मीटर के एरिया में पान-बीड़ी व सिगरेट बेचने पर पाबंदी लगाई थी।