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दो माह तक जलियांवाला बाग के दर्शन नहीं कर सकेंगे पर्यटक

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शहीद स्थली जलियांवाला बाग में शहीदों को नमन करने के लिए प्रतिदिन आने वाले लाखों पर्यटक आगामी दो महीनों के लिए इस पावन स्थान का सजदा नहीं कर सकेंगे। केंद्र सरकार की ओर से 20 करोड़ से कराए जा रहे जीर्णोद्धार के कार्यों को गति देने के लिए पर्यटन मंत्रालय ने जलियांवाला बाग में प्रवेश करने पर 12 अप्रैल तक पाबंदी लगा दी है। अब जलियांवाला बाग शताब्दी समारोह के समापन कार्यक्रम के साथ 13 अप्रैल को खुलेगा। इस संबंध में जलियांवाला बाग के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर एक बड़ा बोर्ड लगाया है, जिसमें अलग-अलग विकास कार्यों के कारण प्रवेश पर लगाई पाबंदी के बारे में जानकारी दी गई है। जलियांवाला बाग में सजदा करने के लिए आए सैकड़ों पर्यटकों को निराशा हुई, जब उन्हें प्रवेश करने से रोक दिया गया।
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केंद्र सरकार ने जलियांवाला बाग के शताब्दी समारोह कार्यक्रम में विकास के लिए एक ब्लू प्रिंट तैयार किया था। इसके आधार पर जलियांवाला बाग के शहीदी कुएं, शहीदी लाट, जरनल डायर की ओर से निर्दोष भारतीयों पर चलाई गोलियों के निशानों को संरक्षित करने के साथ-साथ लाइट एंड साउंड कार्यक्रम के लिए एक स्टेडियम व गैलरी का निर्माण किया जाना है। इसके साथ जिस रास्ते पर जरनल डायर ने प्रवेश किया था उस तंग गली की विरासत को संभालते हुए अति आधुनिक तकनीक से ऐसा लुक देना है, जिससे सजदा करने के लिए आने वाले पर्यटकों को उसी दृश्य की अनुभूति हो। इसके साथ शहीदी लाट के आसपास एक बड़ा फाउंटेन लगाया जायेगा, जो देश भक्ति के गांव की धुन पर चलेगा।
जलियांवाला बाग में सभी धर्मों के लोगों ने शहादत दी: डॉ आनंद गोकानी
जलियांवाला बाग में पर्यटकों के आमद पर लगाई रोक की पूर्व संध्या में महात्मा गांधी के पुत्र रामदास गांधी की बेटी के पुत्र डॉ. आनंद गोकानी ने शहीदी स्थली पर शहीदों को सजदा किया। मीडिया से बातचीत में डॉ. गोकानी ने कहा कि महात्मा गांधी की विचारधारा के कारण ही उन्हें देश-विदेश में सम्मान मिला। उन सिद्धांतों पर अमल कर ही देश में धर्म निरपेक्षता से सरकारों का संचालन किया जा सकता है। जलियांवाला बाग का नरसंहार आज भी भारत वासियों के दिलों में में एक जख्म की तरह है। जलियांवाला बाग में अलग अलग धर्मों के लोगों ने देश की आजादी के लिए शहादत का जाम पिया। इसलिए ये देश सब धर्मों का सांझा देश है। इस अवसर पर विधायक डॉ. राज्य कुमार वेरका ने डॉ. गोकानी के अमृतसर आने पर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने कहा था कि देश में कोई ऐसा व्यक्ति नहीं होना चाहिए जो भूखा सोये। गांधी जी ने इंसानियत के लिए हमेशा कार्य किया और वह देश को अपना धर्म मानते थे। आज महात्मा गांधी जी के आदर्शों को अपनाने की जरूरत है।
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