अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश बीएस देयोल की अदालत ने पत्नी व साले की हत्या के नौ माह पुराने एक मामले में दोषी को उम्रकैद और दस हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। इस संबंध में 11 जून 2015 को थाना मेहटियाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
शिकायत में ललिता निवासी झारखंड ने पुलिस को बताया था कि उसकी मां व मामा ने गांव भूंगरनी में एक मकान ढहाने का ठेका लिया था और उससे मिले पैसे उन्होंने आपस में बांट लिए। उसने बताया था कि उसका पिता प्रेम प्रकाश उक्त रकम में से उसे भी पैसे देने की बात को लेकर उसकी मां व मामा से झगड़ता था।
घटना वाले दिन उसका मामा, मां और पिता घर में सोए हुए थे जबकि वह अपने भाई के साथ छत पर सो रही थी। इस बीच उसे झगड़ने की आवाज सुनाई दी तो वह नीचे उतर आई। उसने देखा कि उसका पिता प्रेम प्रकाशे कुल्हाड़ी से उसके मामा पर वार कर रहा था जबकि उसकी मां उसे बचाने आई तो प्रेम प्रकाश ने उसके सिर पर भी कुल्हाड़ी से वार कर दिया।
दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। वारदात के बाद प्रेम प्रकाश वहां से फरार हो गया। ललिता ने गांव के सरपंच राजिंदर सिंह को घटना की जानकारी दी और सरपंच से सूचना पाकर वहां पहुंची पुलिस ने आरोपी प्रेम प्रकाश को गिरफ्तार कर लिया था। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने बुधवार को आरोपी प्रेम प्रकाश को दोषी करार देते हुए सजा सुना दी।