संवाद न्यूज एजेंसी
तरनतारन। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर नौ दिसंबर को थाना सरहाली पर राकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) हमले से संबंधित आरोपी सात नाबालिगों को पुलिस ने संबंधित पंचायतों की मौजूदगी में उनके परिजनों को सौंप दिया।
एसएसपी गुरमीत सिंह चौहान ने बताया कि आरपीजी हमले की तफ्तीश में सात ऐसे किशोर सामने आए, जिनको पहला गुनाह समझकर माफ किया गया है। डीजीपी गौरव यादव ने पहले ही स्पष्ट किया था कि जुर्म की दुनिया से बच्चों को वापस लाने में पुलिस पहल करेगी। इसी कड़ी के तहत इन बच्चों को सुधरने का मौका देते हुए उनके स्वजनों को सौंपा गया है। एसएसपी ने बताया कि किशोरों में किसी ने विदेश से आए साढ़े आठ लाख रुपये को संभाला, किसी ने आरपीजी उठाने में मदद की तो किसी ने हमले में प्रयोग बाइक उपलब्ध करवाई थी। इसी के तरह हमले में प्रयोग वाले पैकेट को संभालने में मदद की थी। एक नाबालिग ऐसा था, जिसने हमलावरों को राज्य से बाहर भगाने में मदद की थी। चौहान ने बताया कि इन नाबालिगों पर पुलिस की नजर रहेगी।