अक्तूबर 2018 में दशहरा के दिन रावण दहन कार्यक्रम के दौरान जौड़ा रेलवे फाटक हादसे में मारे गए 60 लोगों के मामलों की जांच कर रहे रिटायर्ड जज अमरजीत सिंह कटारी ने अपनी रिपोर्ट पंजाब सरकार को भेज दी है। लगभग 21 महीने की जांच के बाद जारी इस रिपोर्ट में नगर निगम के चार अधिकारियों को आरोपी बताया गया है।
रिपोर्ट में निगम के तत्कालीन सचिव सुशांत भाटिया, इंस्पेक्टर पुष्पिंदर सिंह, रिटायर हो चुके इंस्पेक्टर केवल सिंह और गिरीश कुमार को आरोपी बनाते हुए कड़ी सजा देने की सिफारिश की है। कटारी ने इन सभी आरोपियों से 15 दिन में अपना स्पष्टीकरण सरकार को देने के लिए कहा है। यदि इस दौरान आरोपियों ने अपना जवाब नहीं भेजा तो समझा जाएगा कि वह अपने बचाव में कुछ नहीं कहना चाहते। इसके साथ ही स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने भी इन आरोपियों को अपनी बात रखने के लिए 26 अगस्त को दोपहर तीन बजे दफ्तर बुलाया है।
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यह है आरोप
इन सभी निगम अधिकारियों पर ड्यूटी के दौरान लापरवाही से काम करने के आरोप हैं। निगम के अधिकारी के रूप में इन सभी ने रावण दहन कार्यक्रम के लगे बड़े-बड़े होर्डिंग को नहीं हटाया था। होर्डिंग निगम की बिना मंजूरी के लगे थे। इन्हें लगाकर लोगों को इस कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता दिया गया। साथ ही बिना मंजूरी के हो रहे इस कार्यक्रम को रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए थे। इस कार्यक्रम के आयोजक पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के समर्थक पार्षद मिट्ठू मदान थे। इस कार्यक्रम की मुख्य मेहमान डॉ. नवजोत कौर सिद्धू थीं। जांच रिपोर्ट में मिट्ठू मदान सहित कई लोगों के बयान दर्ज हैं।