अमृतसर। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने नानकशाही संवत 553 (वर्ष 2021-22) के नानकशाही कैलेंडर का विमोचन किया है। इसे नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 400वें प्रकाश पर्व को समर्पित किया गया है। एसजीपीसी की धर्म प्रचार कमेटी की ओर से तैयार किए गए इस कैलेंडर में गुरु तेग बहादुर जी से जुड़े एतिहासिक गुरुद्वारा साहिबान की तस्वीरें प्रकाशित की गई हैं।
कैलेंडर जारी करने के बाद जत्थेदार ने संगत से अपील की कि वह इस कैलेंडर के आधार पर गुरुपर्व व अन्य ऐतिहासिक दिवस पर कार्यक्रम आयोजित करें। उन्होंने कहा कि वह 14 मार्च से शुरू हो रहे नव वर्ष के दिन गुरु परंपराओं के अनुसार गुरुमति समागमों का आयोजन करें। इस अवसर पर एसजीपीसी के सीनियर अध्यक्ष सुरजीत सिंह भिट्टेवड्ड, महासचिव भगवंत सिंह स्यालका, मुख्य सचिव एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी, एसजीपीसी सदस्य भाई रजिंदर सिंह मेहता, हरजाप सिंह सुल्तानविंड, जगसीर सिंह समेत एसजीपीसी के कई अधिकारी मौजूद थे।
कैलेंडर को लेकर सिख संस्थाओं में विरोधाभास है
मूल नानकशाही कैलेंडर वर्ष 2003 में तत्कालीन जत्थेदार ज्ञानी जोगिंदर सिंह वेदांती ने तख्त श्री दमदमा साहिब से जारी किया था। इसे कनाडा वासी पाल सिंह पुरेवाल ने कई वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद तैयार किया था। कैलेंडर लागू करने से पहले पुरेवाल ने कई वर्षों तक एसजीपीसी के तत्कालीन अध्यक्ष जत्थेदार गुरचरण सिंह टोहरा सहित जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब के साथ-साथ सिख बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों, आलोचकों के साथ कई बैठकों का आयोजन किया था। इस कैलेंडर को जारी करने के बाद इसमें तीन बार संशोधन किया जा चुका है। नानकशाही कैलेंडर को लेकर सिख संस्थाओं में विरोधाभास है। कई सिख संस्थाएं मूल नानकशाही कैलेंडर के अनुसार गुरुपर्व व अन्य एतिहासिक दिवसों के आयोजन करती हैं। पीएसजीपीसी भी मूल नानकशाही कैलेंडर के अनुसार ही गुरु पर्व के आयोजन करती है।