अमृतसर। रंजीत एवेन्यू समेत एक सरकारी अस्पताल में कोरोना के टीकाकरण की निगरानी के लिए गए सांसद श्वेत मलिक को किसानों ने घेर लिया। उन्होंने मलिक की गाड़ी को रोककर कृषि कानूनाें के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सुरक्षा कर्मचारियों और पुलिस बल ने सुरक्षा घेरे में उन्हें अस्पताल पहुंचाया। किसान-मजदूर संगठन के सदस्यों ने कहा कि जब तक कृषि कानून वापस नहीं लिए जाते, किसान भाजपा नेताओं का विरोध करते रहेंगे। उन्होंने मलिक से कहा कि वह किसानों के समर्थन में भाजपा से इस्तीफा दें। किसान नेता तीन महीने से अधिक समय से मलिक के घर के बाहर धरने पर बैठे हुए हैं।
मलिक ने कहा उनका घेराव किसानों ने नहीं कांग्रेस पार्टी के समर्थकों ने किया है। कांग्रेस की राजनीतिक जमीन देश भर में खिसक चुकी है। अब किसानों के नाम पर राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया जब विपक्ष सत्ता में था तब कृषि कानूनों के समर्थन में था। अब विरोध क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन कानूनों के पक्ष में 90 फीसदी किसान हैं। वहीं मलिक ने अस्पताल में कोरोना वायरस के टीकाकरण पर तसल्ली जताई।