जसकीरत हत्याकांड के बाद अभिभावकों बच्चों की सुरक्षा को लेकर सजग हो गए हैं। वह बच्चों को खुद ट्यूशन छोड़ने और ले जाने को तवज्जो देने लगे। वहीं जस्सी के परिवार में पुलिस की कार्यशैली से रोष बढ़ता जा रहा है।
ब्लाक कांग्रेस प्रधान और नगर पार्षद मनोज भसीन ने कहा कि जस्सी के साथ जो हुआ है, उसके बाद से तो उन्हें अपने बच्चों को अकेले ट्यूशन भेजना तो दूर स्कूल भेजने से डर लगने लगा है। ट्यूशन के लिए या तो वह खुद बच्चों को छोड़ने जा रहे हैं या फिर परिवार के किसी एक मेंबर को खास निर्देश दिए गए हैं कि वह उन्हें छोड़कर और लेकर आए।
वहीं रिटायर्ड बैंक अधिकारी राकेश शर्मा ने कहा कि उन्होंने तो बच्चों के अकेले कहीं भी जाने पर रोक लगा दी है, जब बड़े साथ होंगे, तब ही वह कहीं बाहर जाएंगे।
एक सप्ताह की दिन-रात की जांच, हासिल कुछ नहीं
जस्सी केस को सुलझाने को लेकर पुलिस बेशक जी-जान से जुटी हुई है, लेकिन अभी तक पुलिस किसी खास नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। जिला पुलिस प्रमुख राजिंदर सिंह रटा-रटाया जवाब दे रहे हैं कि पुलिस जांच में जुटी हुई है।
शनिवार को राउंड अप किए गए कुछ संदिग्धों को पुलिस ने छोड़ दिया, क्योंकि पूछताछ में पुलिस के हाथ कोई खास सुराग नहीं लगे। हालांकि कुछ परिचित पुलिस पूछताछ के दौर में शामिल हैं। रविवार को भी राउंडअप का दौर जारी रहा। एसएसपी राजिंदर सिंह ने कहा कि पुलिस जस्सी मर्डर मिस्ट्री को हर हाल में ट्रेस करके दम लेगी। जांच और राउंड अप का दौर चल रहा है।