संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। सीमांत राज्य पंजाब में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की बढ़ती गतिविधियों और हाल ही में हुई आईएसआई एजेंटों की गिरफ्तारियों पर हिंदू संगठनों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। प्रमुख हिंदू संगठनों ने केंद्र सरकार से इस मामले की उच्च-स्तरीय जांच की मांग की है। हिंदू महासभा मूवमेंट इंटरनेशनल और ऑल इंडिया हिंदू संघर्ष कमेटी ने संयुक्त रूप से कहा है कि यह पता लगाना अत्यंत आवश्यक है कि आईएसआई पंजाब में अपना जाल बिछाने में कैसे सफल हो रही है।
संगठनों के नेताओं राजविंदर राजा और सचिन मेहरा ने पिछले दिनों पंजाब पुलिस की गिरफ्तारियों का हवाला दिया जिसमें आईएसआई के लिए काम करने वाले एजेंट पकड़े गए थे। इन एजेंटों पर ऑपरेशन सिंदूर सहित कई अन्य अभियानों के दौरान भारत की गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तान भेजने का आरोप है। हिंदू नेताओं के अनुसार ये एजेंट सीमावर्ती क्षेत्रों में भारतीय सेना की गतिविधियों, संवेदनशील ठिकानों की जानकारी और महत्वपूर्ण नक्शे आईएसआई को मुहैया करा रहे थे। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए भारत सरकार को तत्काल सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
हिंदू नेताओं ने भारत सरकार को एक विस्तृत पत्र भेजकर मामले की गंभीरता से अवगत कराया है। पत्र में मांग की गई है कि पंजाब जैसे सीमांत राज्य में सुरक्षा व्यवस्था की नए सिरे से समीक्षा की जाए और इसे और अधिक सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि केंद्रीय खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियों को सीमावर्ती इलाकों में तेज किया जाए ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सके।
नेताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि आईएसआई पंजाब के भोले-भाले और बेरोजगार युवाओं को पैसे का लालच देकर या गुमराह करके अपने जाल में फंसा रही है और उनसे देश-विरोधी गतिविधियों को अंजाम दिलवा रही है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि इस नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।