गैंगस्टर को कोर्ट में पेश करती पुलिस
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पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फरार गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। इंडोनेशिया से डिपोर्ट कर भारत लाए गए कुख्यात गैंगस्टर जोबनजीत सिंह उर्फ बिल्ला को सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच बाबा बकाला साहिब की अदालत में पेश किया गया। कोर्ट में सुनवाई के बाद गैंगस्टर को आठ दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
गैंगस्टर हत्याओं समेत अन्य मामलों में नामजद
पुलिस के अनुसार, जोबनजीत बिल्ला लंबे समय से विदेश में छिपा हुआ था। उसे भारत वापस लाने के लिए इंटरपोल के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया गया था। यह कार्रवाई पंजाब पुलिस के विशेष अभियान 'ऑपरेशन नोमैड हंट' के तहत की गई, जिसका उद्देश्य विदेशों में छिपे गैंगस्टरों को कानून के दायरे में लाना है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जोबनजीत बिल्ला चार हत्याओं समेत कई गंभीर आपराधिक मामलों में नामजद है। जांच एजेंसियां अब उससे पूछताछ कर उसके नेटवर्क, सहयोगियों और विदेशी संपर्कों की जानकारी जुटाने में लगी हैं।
आरोपी के अधिवक्ता सरदार गोबिंद सिंह रंधावा ने बताया कि जोबनजीत बिल्ला को थाना सखियाला में दर्ज एफआईआर नंबर 94/2023, जर्नैल सिंह उर्फ जैला हत्याकांड में पेश किया गया। पुलिस ने 11 दिन के रिमांड की मांग की थी लेकिन अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आठ दिन का रिमांड मंजूर किया। अदालत ने रिमांड अवधि के दौरान हर चार दिन बाद आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराने के भी निर्देश दिए हैं।
वकील के अनुसार, इस मामले में जोबनजीत बिल्ला को प्रत्यक्ष शूटर नहीं बल्कि आपराधिक साजिश का आरोपी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि उसे इंडोनेशिया से डिपोर्ट किए जाने के बाद मुंबई हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर पंजाब लाया गया, जहां से अदालत में पेश किया गया।