पंजाब में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री अनिल जोशी कांग्रेस जॉइन करेंगे। उन्हें चंडीगढ़ में पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल पार्टी जॉइन कराएंगे। मंगलवार को जोशी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से दिल्ली में मुलाकात की है।
करीब 35 वर्षों तक भारतीय जनता पार्टी व तीन से अधिक वर्षों तक शिरोमणि अकाली दल बादल में रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी अब कांग्रेस में शामिल होने जा रहे हैं। वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से मिले हैं। बुधवार को वह कांग्रेस पार्टी में शामिल हो जाएंगे। चर्चा है कि अनिल जोशी आने वाले विधानसभा चुनाव अमृतसर पूर्व या फिर तरनतारन में लड़ना चाहते है। इसको लेकर वह कांग्रेस में शामिल होने जा रहे है।
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राजनीतिक गलियारों से मिली जानकारी के अनुसार जोशी ने भाजपा में दोबारा जाने की काफी कोशिश की परंतु बात नही बनी। इसके बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी में भी जाने की कोशिश की वहां भी बात नहीं बनी तो अब कांग्रेस पार्टी के साथ अपनी अलग पानी खेलने की तैयारी कर ली है। जोशी दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और आल इंडिया कांग्रेस कमेटी के महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ मुलाकात करते हुए कांग्रेस ज्वाइनिंग की घोषणा की है। एक अक्तूबर को जोशी चंडीगढ़ में होने वाली कांग्रेस की बैठक में विधिवत रूप से कांग्रेस पार्टी ज्वाइन करेंगे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, बजरंग दल का हिस्सा रहे जोशी ने भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा के साथ 35 साल तक जुड़े रहे। किसानी मुद्दे उठाने पर भाजपा ने 10 जुलाई 2021 को जोशी को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया। तब 20 अगस्त 2021 को जोशी ने अकाली दल बादल ज्वाइन कर लिया था। अकाली दल ज्वाइन करने के बाद उन्होंने 2022 का विधानसभा चुनाव अकाली दल की टिकट व चुनाव चिन्ह तकड़ी पर लड़ा पर जीत नहीं पाए। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में शिअद ने उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया तब भी जोशी चौथे नंबर पर रहे थे। अकाली दल छोड़ने के बाद से ही उनकी कांग्रेस में जाने की अटकले लगती रही पर जोशी लगातार इसका खंडन करते रहे। अब दिल्ली में कांग्रेसी नेताओं के साथ मुलाकात के बाद स्पष्ट हो गया है कि वह कांग्रेस ज्वाइन करेंगे।