कोरोना वायरस से डरा हुआ एक टेंट हाउस मालिक सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थित नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र में बिछाई चादरों, गद्दों और तकियों को उठाकर ले गया। टेंट हाउस मालिक के अनुसार सेहत विभाग ने उससे यह सामान इसलिए किराये पर लिया था कि डॉक्टरों की एक टीम इस केंद्र में पहुंच रही है। जबकि सच्चाई यह है कि इस केंद्र में चीन सहित सात देशों में आने वाले यात्रियों और कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों को रखा जाना है। टेंट हाउस के मालिक राजेश गुप्ता के अनुसार, इससे उसके गद्दे और बेड संक्रमित हो जाएंगे और कोई भी उसकी दुकान से सामान किराए पर नहीं लेगा। उसका धंधा चौपट हो जाएगा।
टेंट मालिक की इस कार्रवाई से सेहत और जिला प्रशासन द्वारा की जा रही तैयारियों को जोरदार झटका लगा। कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए प्रशासन ने चीन सहित सात देशों से भारत आने वाले लोगों को एयरपोर्ट से ही अपनी कस्टडी में रखने की योजना तैयार की है। शुक्रवार को सेहत विभाग के अमले ने सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थित नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र में चादरें और गद्दे बिछवा दिए।
सिविल सर्जन डॉ. प्रभदीप कौर जौहल सहित प्रशासनिक अधिकारी इस केंद्र में व्यवस्था का जायजा ले रहे थे कि अचानक टेंट हाउस का मालिक राजेश गुप्ता वहां आ पहुंचा। उसने 100 गद्दे, चादरें और तकिये वहां से उठवाकर वाहन में रखवाए और चलता बना। इस पर सात देशों से आने वाले लोगों के लिए तैयारी कर रहे स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन के हाथ पांव फूल गए।
डॉ. प्रभदीप कौर जौहल ने कहा कि टेंट हाउस मालिक अज्ञानता और अशिक्षा का शिकार है। उसे किसी ने डरा दिया था। फिलहाल हमने डीसी शिवदुलार सिंह ढिल्लों को कह दिया है कि वे हमें सामान उपलब्ध करवाएं। शनिवार देर रात तकरीबन दो बजे दोहा से आने वाले यात्रियों को पुनर्वास केंद्र में लाए जाने की योजना है। हालांकि प्रशासन ने अभी तक इन लोगों के लिए पूरी व्यवस्था नहीं की है।
प्रशासन नहीं लागू कर सका व्यवस्था
पहले केवल उस शख्स को आइसोलेशन वॉर्ड में रखा जाता था जिसे खांसी जुकाम की शिकायत था। अब कोरोना संक्रमण प्रभावित चीन, ईरान, इटली, कोरिया, फ्रांस, स्पेन व जर्मनी से आने वाले हर यात्री को पुनर्वास केंद्र में शिफ्ट करने की योजना है। प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता, लेकिन व्यवस्था भी पूरी नहीं कर पा रहा। किराए के सामान पर विदेश से आने वाले लोगों को रखने की योजना आज धरी की धरी रह गई।