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अमृतसर में ट्रैक पर बैठे किसान, बदलना पड़ा गोल्डन टेंपल एक्सप्रेस का रूट

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अमृतसर। किसान यूनियन की ओर से रेल रोको आंदोलन को आगामी 5 दिसंबर तक स्थगित किए जाने के फैसले के बाद मुंबई से रवाना हुई गोल्डन टेंपल एक्सप्रेस मंगलवार सुबह अमृतसर पहुंचने वाली थी। किसान-मजदूर संगठन के रेलवे ट्रैक पर बैठने के कारण ट्रेन का रूट बदलना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने यात्री गाड़ियों को रोकने के लिए सोमवार रात से ही जंडियाला गुरु के ट्रैक पर धरना शुरू कर दिया था।
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डीसी गुरप्रीत सिंह खैरा व एसएसपी (देहात) ध्रुव दहिया ने सोमवार देर रात और मंगलवार सुबह चार बजे जंडियाला गुरु रेलवे ट्रैक पर बैठे किसानों से यात्री गाड़ियों को रास्ता देने की अपील की। किसान-मजदुर संघर्ष कमेटी के सदस्य अपनी जिद पर अड़े रहे। उधर, मुंबई से आ रही गोल्डन एक्सप्रेस के लिए ट्रैक साफ करने को रेल मंत्रालय बार-बार डीसी अमृतसर से संपर्क कर रहा था। जब किसान नहीं माने तो डीसी ने गाड़ी को ब्यास रेलवे स्टेशन पर रोकने के निर्देश दिए। पहले यात्रियों को बसों से अमृतसर रेलवे स्टेशन पहुंचाने का फैसला लिया गया। उसके लिए प्रशासन ने प्रबंध भी कर दिए थे। बाद में गाड़ी को ब्यास से गोइंदवाल साहिब, तरनतारन के रास्ते अमृतसर पहुंचाया गया। प्रशासन ने यात्रियों के लिए चाय और बिस्कुट का प्रबंध किया हुआ था। इस मौके पर अधिकारी हिमांशु अग्रवाल, शिव राज सिंह बल, पीपीएस गोराया मौजूद थे।
‘किसान लोगों को परेशान न करें’
यात्रियों ने कहा कि वह किसानों की मांगों का समर्थन करते हैं। उनकी लड़ाई केंद्र सरकार के साथ है। वह ट्रेनें रोककर लोगों को परेशान न करें। किसान दिल्ली जाकर संघर्ष करें। किसानों के इस प्रदर्शन से पंजाब को ही करोड़ों की राशि का नुकसान हुआ है। यहां तक कि उनको यूरिया भी ज्यादा दामों पर खरीदनी पड़ रही है। मुंबई से आए एक सात सदस्यीय सिंधी परिवार ने कहा कि वह सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के दर्शन के लिए आए हैं। गाड़ी चार घंटे लेट हो गई। इससे उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। किसान अपने प्रदर्शन का ढंग बदले।
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