भाजपा के राज्यसभा सांसद श्वेत मलिक को वीरवार को फिर किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। मलिक रंजीत एवेन्यू स्थित पासपोर्ट कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक करने जा रहे थे। इसकी भनक किसान संगठनों के सदस्यों को थी। मलिक के पासपोर्ट दफ्तर पहुंचने से पहले ही किसान संगठन वहां जुटने शुरू हो गए। कड़ी सुरक्षा के बीच जैसे ही मलिक की कारों का काफिला पासपोर्ट दफ्तर के पास पहुंचा।
उग्र किसान संगठनों के सदस्यों ने मलिक के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। मालिक जिस गाड़ी में बैठे थे, उसके ड्राइवर ने गाड़ी की रफ्तार बड़ा दी। किसान भी मलिक की गाड़ी के पीछे दौड़ने लगे। किसान संगठनों के कार्यकर्ता गाड़ी को नुकसान न पहुंचाएं, इसलिए मलिक के सुरक्षा कर्मचारियों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया। इसके बाद सुरक्षा कर्मचारियों ने उन्हें घेरे में लेकर पासपोर्ट दफ्तर तक पहुंचाया, जहां उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की।
इससे पहले भी पुतलीघर के जोन नंबर पांच में एक जिम का उद्धघाटन करने एक लिए पहुंचे सांसद मलिक का किसान संगठनों ने विरोध किया था। बता दें कि तीन माह से किसान संगठन मलिक के घर के बाहर धरने पर बैठे हैं। किसान संगठनों के नेताओं ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार कृषि कानून रद्द नहीं करती तब तक भाजपा नेताओं का विरोध जारी रहेगा।