भाजपा कार्यकर्ताओं का विरोध करते हुए किसान
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कृषि कानूनों के प्रति जागरूक करने के लिए पीएस गार्डन पैलेस में केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश की ओर से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से भाजपा नेताओं के साथ बैठक का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम की भनक लगते ही किसानों ने नेताओं को घेरने का प्रयास किया। हालांकि मौके पर तैनात पुलिस बल ने बैरिकेड लगाकर किसानों को रोक दिया। इसके बाद भड़के किसान पैलेस के मेन गेट के बाहर हाईवे पर धरने पर बैठ गए। पैलेस से बाहर निकलने पर किसानों ने भाजपा के नेताओं को काली झंडियां दिखाईं और नारेबाजी की।
इस मौके पर किसान नेता बख्शीश सिंह ने कहा कि उनकी केंद्र सरकार को खुली चुनौती है कि वह इस कानून पर अपने नेताओं के साथ उनकी बहस करवा दे। हम उन्हें बताएंगे कि कृषि कानून कैसे किसान विरोधी है। भाजपा चाहे जो कर ले, हम कानून को रद्द करवाकर ही दम लेंगे। किसानों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने बैरिकेड लगाकर किसानों को भाजपा नेताओं तक जाने से पहले रोक लिया और किसानों के आस पास भी घेरा डाले रखा। भाजपा नेताओं को सुरक्षित बाहर निकालने में पुलिस को आधे घंटे से भी अधिक समय लग गया। भाजपा नेताओं के जाने के बाद किसान शांत हो गए।
इससे पहले वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश ने कृषि बिल के फायदे बताए और कहा कि बिना किसान की सहमति के कांट्रेक्ट फार्मिंग नहीं की जाएगी। कांट्रेक्ट फार्मिंग केवल फसल पर होगी, किसान की जमीन पर नहीं। सोम प्रकाश ने कहा कि एपीएमसी का एमएसपी से कोई लेना देना नहीं है। एमएसपी थी और रहेगी।
वहीं पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह अपनी सरकार की नाकामियों को छुपाने के लिए किसानों के नाम पर षड्यंत्र के तहत गुमराहपूर्ण प्रचार कर जनता का ध्यान भटका रहे हैं। जनता अब कांग्रेस को वोट करने पर पछता रही है।