पूर्व मंत्री लक्ष्मी कांता चावला ने कहा है कि तरनतारन के भिखीविंड में कामरेड बलविंदर सिंह की हत्या कानून व्यवस्था के मुंह पर बड़ा तमाचा है। उन्होंने कहा कि असली अपराधी वो हैं, जिन्होंने उनकी सुरक्षा वापस ली। पंजाब सरकार बताए कि क्या पूरे हिंदुस्तान में ऐसा कोई परिवार है, जहां एक ही परिवार के चार-चार सदस्यों को आतंकवाद से लड़ने पर शौर्य चक्र से समान्नित किया गया हो। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एसआईटी का गठन कर दिया है, लेकिन वह याद रखें कि असली अपराधी वो अधिकारी, एमएलए व स्वयं सरकार है, जिन्होंने इस वीर परिवार की सुरक्षा वापस ली। हैरानी है कि कुछ लोग सुरक्षा गाड़ियों के साथ घूमते हैं, जिन्होंने कभी आतंकवाद का मुंह नहीं देखा। जो तब पैदा भी नहीं हुए थे या तब घरों में छिपकर आतंकवादियों से डरकर बैठे थे। मंत्री जो आज सुरक्षा के घेरे में हैं, वह बताएं कि उन्होंने ऐसा कौन सा काम किया है, जिससे उन्हें आतंकवादियों से खतरा है। सरकार बताए इनको सुरक्षा क्यों दी गई है।