प्रशासन और किसानों में समझौते के बाद पुलिस की तरफ से किसानों पर लाठीचार्ज के दौरान मारे गए किसान बहादर सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
अमृतसर में बहादर सिंह के पोस्टमार्टम के बाद किसान संघर्ष कमेटी के सदस्य मृतक देह लेकर गांव बंडाला पहुंचे। बहादर सिंह को अंतिम विदाई देने के लिए हजारों की तादाद में किसान, मजदूर, महिलाएं और अन्य जत्थेबंदियों के नेता शामिल हुए। कमेटी ने उसे किसान जत्थेबंदी का नौवां शहीद करार दिया। इस मौके पर पहुंचे किसान नेताओं ने दो मार्च को संघर्ष की अगली रूपरेखा घोषित करने का फैसला किया।
इस दौरान किसान जत्थेबंदियों की तरफ से सोमवार से राज्य भर में सरकार के विरुद्ध मुजाहरे करके पुतले जलाने का ऐलान किया गया है। घोषणा की गई कि लोगों को सरकार की जन और किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ लामबंद किया जाएगा।
इस मौके पर किसान नेता सविंदर सिंह चुताला, गुरलाल सिंह पंडोरी रण सिंह और तेजिंद्रपाल सिंह राजू ने कहा कि किसानों मजदूरों के हितों के लिए किसान संघर्ष कमेटी द्वारा जो संघर्ष तरनतारन के गांव पिद्दी से शुरू किया गया था उस दौरान बहादर सिंह नौवां शहीद है।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा दर्जनों किसानों को घायल करने के साथ-साथ गायब भी किया गया है। जिनका अभी तक सुराग नहीं लग रहा। इन में कई महिलाएं भी शामिल हैैं।
किसान नेता बहादर सिंह के अंतिम संस्कार पर श्रद्धांजलि देने के लिए जसबीर सिंह पिद्दी, भूपिंदर सिंह पंडोरी तख्त मल्ल, गुरबिंद्र सिंह भरोभाल, बीबी जगीर कौर कलेर घुमाण, कश्मीर सिंह बाणिया, भारतीय किसान यूनियन एकता के सुखदेव सिंह कोकरी कलां, जम्हूरी किसान सभा के प्रगट सिंह जामाराए, जसपाल सिंह ढिलों, देहाती मजदूर सभा के बलदेव सिंह पंडोरी, पुरुषोतम सिंह गहरी, यशपाल झबाल, पंजाब किसान सभा के लखबीर सिंह, बलदेव सिंह सिरसा, धंन्ना सिंह लालूघुंमण, बाज सिंह सारंगढा, जसबीर सिंह मियादियां, सकत्तर सिंह कोटला और जवाहर सिंह टांडा मौजूद रहे।
किसान संघर्ष समिति के नेताओं और डीसी अमृतसर के बीच शनिवार करीब रात 11 बजे तक संपन्न हुई बातचीत के दौरान सरकार ने मृतक किसान के परिवार को पांच लाख रुपये का मुआवजा, गिरफ्तार किए 43 किसानों को रिहा करने, घायल किसानों को 25-25 हजार का मुआवजा और उनका सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज और मृतक किसान के एक पारिवारिक सदस्य को नौकरी दिलाने के लिए मुख्यमंत्री से मिलाने के लिए दिए गए भरोसे के बाद ही प्रदर्शनकारी किसान माने।
किसान संघर्ष समिति के नेता जसबीर सिंह बोनी ने बताया कि जेल में बंद 13 किसानों पर दर्ज एफआईआर के बारे में कमिश्नर के साथ 26 को बैठक की जाएगी। डीसी ने भरोसा दिलाया है कि मार्च में अमृतसर फेरी के दौरान मृतक के पारिवारिक सदस्यों को नौकरी दिलाने संबधी किसान नेताओं की मुख्यमंत्री के साथ मीटिंग करवाई जाएगी।