अमृतसर में बीएसएफ हेडक्वार्टर खासा कैंट के गेट नंबर 3 के बाहर शुक्रवार देर रात करीब 1.30 बजे जोरदार धमाका हुआ। धमाके के बाद आसपास इलाके में सनसनी फैल गई। इस संबंधी विदेश में बैठे गैंगस्टर हैप्पी पासियां और गोपी घनश्यामपुरिया ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर इसकी जिम्मेदारी भी ली है।
दूसरी तरफ बीएसएफ और पुलिस ने ऐसा कोई धमाका होने से इनकार कर दिया है। हालांकि आतंकियों की ओर से सोशल मीडिया पर एक हैंड-ग्रेनेड की वीडियो भी डाली है। बावजूद इसके अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की जा रही है और इस पूरे मामले को अफवाह बताया जा रहा है। वहीं बब्बर खालसा इंटरनेशनल ने इस हमले के पीछे कारण मणिपुर में लगाए राष्ट्रपति शासन को बताया है।
आतंकियों ने लिखा मणिपुर में अत्याचार करवा रही सरकार
विदेश में बैठे आतंकियों की ओर से शेयर की गई पोस्ट में लिखा है कि पिछले लंबे समय से मणिपुर जल रह है। वहां के लोगों पर अत्याचार हो रहा है। भारत सरकार ने जिस तरह 1980 के दशक में सिखों के खिलाफ जुल्म किए, उसी तरह अब मणिपुर में भी अत्याचार हो रहे हैं। पंजाब में सिखों के गुरुद्वारों को निशाना बनाया गया और उन्हें जलाया गया, उसी तरह अब मणिपुर में कुकी और नागा समुदाय के लोग ईसाइयों के चर्च जला रहे हैं। 2023 से यह नरसंहार जारी है, लेकिन सिखों को पूरी तरह चुप रखा गया है। जो भी भारतीय सरकार के खिलाफ बोलता है, उसे मारा जाता है। हमारे मुद्दे खालिस्तान, क्रिश्चियनिटी, जेनी, बौद्ध धर्म और सिखों को न्याय दिलाना हैं।
बीएसएफ ने जारी किया बयान- बताई अफवाह
वहीं बीएसएफ के अधिकारियों की ओर से अपना बयान जारी किया गया। जिसे ग्रेनेड हमले को पूरी तरह से अफवाह बताया गया है और कहा कि लोगों को भी इस तरह की खबरों से बचना चाहिए। अधिकारियों का कहना है कि आतंकी जानबूझ कर इस तरह की सनसनी फैला कर लोगों के मन में डर का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे है। सोशल मीडिया पर चल रही खबर पूरी तरह से फर्जी है। इस झूठी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बीएसएफ कैंपस, खासा, अमृतसर के गेट नंबर 3 के बाहर ग्रेनेड हमला हुआ है। हालांकि, तथ्यों की जांच, जमीनी रिपोर्ट और आधिकारिक इनपुट्स के आधार पर पुष्टि की गई है कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।