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नगर काउंसिलमें ईओ, सेनेटरी इंस्पेक्टर और क्लर्क ने किया 10.23 करोड़ का गबन

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तरनतारन। कांग्रेस और शिअद की पूर्व सरकार के दौरान विकास के लिए जारी ग्रांट में करीब 10.23 करोड़ रुपये के गबन मामले में कई अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। नगर काउंसिल की कार्यकारी अधिकारी (ईओ) शरनजीत कौर, सेनेटरी इंस्पेक्टर राजीव कुमार, क्लर्क नरिंदर लक्की पर इस मामले में गाज गिर सकती है। अभी यह जांच की जा रही है कि इस घोटाले में और कौन अधिकारी शामिल हैं।
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विधायक कश्मीर सिंह सोहल ने बताया कि लोगों की शिकायतों के आधार पर नगर कौंसिल में हुए कथित घोटालों बाबत मामला स्थानीय निकाय विभाग के समक्ष उठाया गया था। मुख्यमंत्री भगवंत मान के दखल पर शुरू हुई जांच में स्थानीय निकाय विभाग से संबंधित चीफ विजिलेंस अधिकारी (सीवीओ) राजीव सेखड़ी की अगुआई में चार अप्रैल को काउंसिल कार्यालय में टीम ने दबिश देकर रिकार्ड कब्जे में लिया था। करीब एक सप्ताह की जांच के बाद सामने आया कि नगर काउंसिल की ईओ शरनजीत कौर के साथ सेनेटरी इंस्पेक्टर राजीव कुमार और क्लर्क नरिदर लक्की की मिलीभगत से 10 करोड़, 23 लाख 27 हजार 214 रुपये का कथित घोटाला हुआ। इस राशि में नगर काउंसिल में विकास के लिए आई ग्रांटों के पैसे निकालकर क्या किया और फिर बाद में काउंसिल के कई खातों में 24 मार्च से अब तक करीब सात करोड़ 36 लाख रुपये अलग-अलग समय पर जमा करवाए गए हैं। बाकी की राशि गायब है।
विधायक कश्मीर सिंह सोहल ने बताया कि कांग्रेस सरकार के अलावा अकाली सरकार के समय हुए कथित घोटालों की भी जांच में कई और मामले खुलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा करवाई जा रही जांच में तीनों अधिकारियों को तलब किया जा चुका है। इस मौके पर कुलवंत सिंह पन्नू, रजवंत सिंह ढिल्लों, मान सिंह रंधावा, संजीव तेजपाल, लखबीर सिंह रटौल, शाम सिंह कलेर, अर्शदीप सिंह, गुरविदर सिंह, हरप्रीत सिंह, सुखदेव सिंह, राजीव सिंह राणा मौजूद थे।
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ईओ और क्लर्क चंडीगढ़ पेश हुए पर दस्तावेज नहीं दिखा सके
चीफ विजिलेंस अधिकारी (सीवीओ) की ओर से की गई जांच के बाद तीनों अधिकारियों को अपना पक्ष रखने के लिए सोमवार का समय तय किया गया था । इस दौरान ईओ शरनजीत कौर चंडीगढ़ कार्यालय में पेश हुई, लेकिन कुछ ऐसे दस्तावेज पेश नहीं कर सकीं जो बेगुनाह साबित करने वाले हों। क्लर्क नरिदर लक्की ने अपना पक्ष रखा। इसी तरह सेनेटरी इंस्पेक्टर राजीव कुमार की सेहत खराब होने का हवाला देते चंडीगढ़ कार्यालय में पेश नहीं हुए।
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