संवाद न्यूज एजेंसी
गुरदासपुर। डेमोक्रेटिक आशा वर्कर्ज एंड फैसिलिटेटर्स यूनियन और डेमोक्रेटिक मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन ने पंजाब सरकार का पुतला फूंका। यह प्रदर्शन मानभत्ता वर्कर्स मोर्चा पंजाब के आह्वान पर किया गया। संगठनों ने सरकार पर अपनी मांगें न मानने का आरोप लगाया।
वर्करों ने डाकखाना चौक में पुतला जलाकर विरोध जताया। उन्होंने 10 अक्तूबर को संगरूर में होने वाली साझा मुलाजिम मोर्चे की रैली में शामिल होने का आह्वान किया। बलविंदर कौर रावलपिंडी, बलविंदर कौर अलीशेर और गुरमिंदर कौर बहरामपुर ने वर्करों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि 8 सितंबर को मोहाली में बड़े प्रदर्शन के बाद 21 सितंबर को कैबिनेट मंत्रियों की सब कमेटी से बैठक हुई थी। इस बैठक में वेतन दोगुना करने, न्यूनतम दिहाड़ी कानून लागू करने और मजदूर पक्षीय सुविधाएं देने की मांग की गई थी। हालांकि, सरकार ने इन मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की। मोर्चे की मुख्य मांगों में आम आदमी पार्टी के संयोजक केजरीवाल के वादे के अनुसार वेतन दोगुना करना शामिल है। न्यूनतम दिहाड़ी कानून लागू कर सभी मजदूर पक्षीय सुविधाएं प्रदान करने की भी मांग की गई। वर्करों ने बीमा और पेंशन जैसी योजनाओं को लागू करने पर जोर दिया। सरकार द्वारा मांगों पर ध्यान न देने के कारण यह विरोध प्रदर्शन किया गया। संगठन 10 अक्तूबर को संगरूर में होने वाली रैली में बड़ी संख्या में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।