अफगानिस्तान में पिछले समय के दौरान हुई लगातार बारिश के कारण भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाले ड्राई फ्रूट के कारोबार में ठहराव आ गया है। इसका सीधा असर जहां ड्राई फ्रूट की क्वालिटी पर पड़ा है, वहीं ड्राई फ्रूट की कीमतों पर भी फर्क पड़ा है। फेडरेशन ऑफ करियाना एंड ड्राई फ्रूट कामर्शियल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल मेहरा कहते हैं कि पिछले साल अफगानिस्तान से रोजाना 35 से 40 ट्रक आते थे, लेकिन आज मुश्किल से 12 से 15 के बीच ट्रक एक दिन में आते हैं।
फेडरेशन ऑफ करियाना एंड ड्राईफ्रूट कामर्शियल एसोसिएशन अध्यक्ष अनिल मेहरा ने बताया कि अफगानिस्तान का भारत के साथ ड्राई फ्रूट का कारोबार उसकी लाइफ लाइन समझी जाती है। क्योंकि अकेले भारत के साथ साल में 2 हजार करोड़ रुपये से लेकर अढ़ाई हजार करोड़ रुपये तक का कारोबार करता है। अफगानिस्तान से बादाम, काजू, पिस्ता, अंजीर, मनक्का, किशमिश, शकरपाकरा समेत एक दर्जन से ज्यादा उत्पाद इंपोर्ट किए जाते हैं।
मेहता कहते हैं कि पंजाब की ही नहीं बल्कि दिल्ली की ड्राई फ्रूट मार्केट में अफगानिस्तान के बादाम, काजू, पिस्ता, अनारदाना, दालचीनी समेत कई अन्य उत्पाद बेहद पसंद किए जाते हैं। यह उत्पाद अपनी गुणवत्ता के लिए पहचाने जाते हैं। आजकल सर्दियों के मौसम के चलते पंजाब और दिल्ली में ड्राईफ्रूट की काफी मांग रहती है। इन्हीं दिनों में लोग ड्राईफ्रूट की खूब खरीदारी करते हैं, लेकिन पिछले दिनों में अफगानिस्तान में हुई बारिश से दोनों देशों के बीच कारोबार ठहर सा गया है। उन्होंने बताया पिछले साल जहां ड्राईफ्रूट के रोजाना 35-40 ट्रक आते थे, लेकिन आज यह संख्या 12 से 15 ट्रकों तक सिमट गई है। आज भी अफगानिस्तान से ड्राईफ्रूट के लिए 14 ट्रक ही आए हैं, जिनमें 12 ट्रक ड्राईफ्रूट के जबकि 2 ट्रक मुलेठी के हैं।