अमृतसर के एसजीपीसी कार्यालय में अंतरंग कमेटी की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते एसजीपीसी अ?
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सिख संगत के भारी विरोध के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने गुरुद्वारा रामसर साहिब से गायब हुए 267 पावन स्वरूपों की जांच की जिम्मेदारी अब श्री अकाल तख्त के जत्थेदार पर डाल दी है। वहीं जांच प्रभावित न हो, इसलिए एसजीपीसी ने पब्लिकेशन और जिल्दसाज विभाग से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला करने का फैसला किया है।
एसजीपीसी प्रधान गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने इस मामले पर चर्चा करने के लिए 72 घंटों के नोटिस पर रविवार को कार्यकारिणी की बैठक बुलाई थी। बैठक में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह से अपील की गई कि वह इस मामले की जांच सेवामुक्त सीनियर सिख जज या किसी प्रमुख सिख शख्सियत से करवाएं।
लौंगोवाल ने कहा कि पब्लिकेशन विभाग में कार्यरत सहायक सुपरवाइजर के रिटायर होने के बाद पावन स्वरूप गायब होने की शिकायत मिली थी। इस मामले की जांच के लिए एसजीपीसी ने एक सब-कमेटी का गठन किया था, लेकिन शंकाओं को दूर करने के लिए मामले की जांच श्री अकाल तख्त साहिब की सरपरस्ती में करवाने का फैसला किया गया है।