संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने राजस्थान के गंगानगर स्थित गुरुद्वारा बाबा दीप सिंह जी में पुलिस कार्रवाई और सिख नेता भाई तेजिंदरपाल सिंह टिम्मा की गिरफ्तारी की निंदा की है। धामी ने कहा कि गुरुद्वारा साहिब परिसर में गुरु के लंगर की बेअदबी करना और जरनैल सिंह खालसा भिंडरांवाले समेत अन्य सिखों से संबंधित पोस्टर फाड़ना सिखों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।
उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद को सुलझाने के लिए कानूनी और संवैधानिक रास्ते मौजूद हैं लेकिन धार्मिक स्थल पर इस तरह की पुलिस कार्रवाई उचित नहीं है। धामी के अनुसार, भाई तेजिंदरपाल सिंह टिम्मा लंबे समय से सिख मसलों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। उन्हें झूठे मामले में गिरफ्तार करना सिखों की आवाज दबाने का प्रयास है। एसजीपीसी प्रधान ने राजस्थान पुलिस की कार्रवाई को सिखों के प्रति धक्केशाही और पक्षपातपूर्ण रवैये का प्रतीक बताया। उन्होंने राजस्थान सरकार और पुलिस प्रशासन से पूरी घटना की निष्पक्ष जांच कराने, गुरुद्वारा साहिब की मर्यादा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने और टिम्मा के खिलाफ दर्ज मामले की निष्पक्ष जांच कर उन्हें तुरंत रिहा करने की मांग की। धामी ने कहा कि हर धर्म के लोगों को अपने धार्मिक विश्वास और संस्थाओं की मर्यादा के अनुसार जीवन जीने का संवैधानिक अधिकार है। सिख संगत में घटना को लेकर रोष है। सरकार को स्थिति की गंभीरता समझते हुए टिम्मा को तत्काल रिहा करना चाहिए।