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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। विवादित सिख प्रचारक भाई रंजीत सिंह ढडरियांवाले ने बुधवार को श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होकर उन पर लगे आरोपों को स्वीकार करते हुए माफी मांग ली। इसके साथ ही पांच सिंह साहिबान ने ढडरियांवाले पर लगे धर्म प्रचार के प्रतिबंध को हटा दिया। हालांकि, उन्हें धार्मिक सजा भी सुनाई गई। पांच सिंह साहिबान ने ढडरियांवाले को आदेश दिया कि वह श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी और श्री अकाल तख्त साहिब की गरिमा को समर्पित होकर सिख धर्म का प्रचार करेंगे। वह किसी भी पंथक संगठन और नेता के खिलाफ निजी बयानबाजी नहीं करेंगे। पवित्र सरोवरों के खिलाफ किसी भी तरह का प्रचार नहीं किया जाएगा। प्रचार के दौरान गलत दावों वाली बात नही की जाएगी।
पांच सिंह साहिब ने ढडरियांवाले को श्री अकाल तख्त साहिब पर 501 रुपये का कड़ाह प्रसाद चढ़ाकर माफी मांगने की धार्मिक सजा लगाई गई, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। इस दौरान ढडरियांवाले ने बिना किसी शर्त हाथ जोड़ का अकाल तख्त साहिब के समक्ष खड़े होकर आदेश सुने और उन्हें स्वीकार करने का वचन दिया। पंथक मामलों पर चर्चा के लिए श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह के नेतृत्व में पांच सिंह साहिबान की बुधवार को हुई बैठक में तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार बाबा टेक सिंह धनौला, श्री हरिमंदिर साहिब के ग्रंथी ज्ञानी राजदीप सिंह और भाई बख्शीश सिंह भी शामिल हुए।
पूर्व जत्थेदार ज्ञानी गुरमुख सिंह व दिल्ली के अकाली नेता हरविंदर सरना को भी धार्मिक सजा
शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली के नेता हरविंदर सिंह सरना ने भी बुधवार को श्री अकाल तख्त साहिब से अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार करते हुए माफी मांगी। उन्हें भी पांचो सिंह साहिब ने धार्मिक सजा सुनाई। जिसके अनुसार 11 दिनों तक रोजाना जपजी साहिब जी और चौपाई साहिब जी के दो-दो पाठ करने के बाद गुरुद्वारा बंगला साहिब में अरदास करने और 501 रुपये की कड़ाह प्रसाद की देग चढ़ाकर क्षमा मांगने की धार्मिक सजा सुनाई गई।
-वहीं, 24 सितंबर, 2015 को डेरा सिरसा प्रमुख को क्षमा करने वाले पांच सिंह साहिबान में से एक ज्ञानी गुरमुख सिंह श्री अकाल तख्त साहिब में उपस्थित हुए और डेरा मुखी को माफी देने के मामले में श्री अकाल तख्त साहिब से क्षमा मांगी। ज्ञानी गुरमुख सिंह को 11 दिन तक लंगर में बर्तन धोने और 11 दिन तक जोड़ा घर में सेवा करने, 11 दिन तक प्रतिदिन जपजी साहिब जी के दो पाठ, त्रै प्रशाद सवैयए के दो पाठ, आसा दी वार पढ़ने और श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होकर 1100 रुपये का कड़ाह प्रसाद चढ़ाने के आदेश दिए हैं।