-आईएसआई के इशारों पर पंजाब के हालात खराब करने वाले समझ जाएं
-अगर कोई अपराधी आत्मसमर्पण करना चाहता है, तो सहयोग करेंगे
-पंजाब का माहौल खराब करने का भ्रम अपने दिमाग से निकाल दें
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर/बठिंडा। वैसाखी के मौके पर होने वाले कार्यक्रमों के लिए सोमवार को सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लेने अमृतसर के श्री हरिमंदिर साहिब और बठिंडा के तख्त श्री दमदमा साहिब पहुंचे पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने वारिस पंजाब दे के प्रमुख अमृतपाल सिंह को दो टूक चेतावनी दी। अमृतपाल की गिरफ्तारी के सवाल पर उन्होंने कहा कि बेहतर तो यही होगा कि अमृतपाल पंजाब पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दे, अन्यथा पुलिस उसे जल्द गिरफ्तार कर लेगी। पुलिस खालिस्तान समर्थक की गिरफ्तारी के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। उसे हर हाल में गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने श्री हरिमंदिर साहिब व दमदमा साहिब के ईद-गिर्द सुरक्षा-व्यवस्था का जायजा भी लिया।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई पंजाब का माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है, लेकिन पंजाब पुलिस ऐसा किसी कीमत पर नहीं होने देगी। आईएसआई की नापाक कोशिश को पंजाब पुलिस कामयाब नहीं होने देगी। जो लोग आईएसआई के इशारों पर पंजाब के हालात खराब करना चाहते हैं, वह समझ जाएं कि उनके मंसूबे पूरे नहीं होंगे। असामाजिक तत्वों को लगता है कि वे पंजाब माहौल खराब करने में सफल हो जाएंगे तो अपने दिमाग से यह भ्रम निकाल दें। अगर कोई अपराधी आत्मसमर्पण करना चाहता है, तो पुलिस उसको पूरा सहयोग देगी। कानून की एक प्रक्रिया है, जिसके तहत कानून को वांटेड व्यक्ति अपनी कानूनी अधिकारों का उपयोग कर सकता है। अगर कोई भी शरारती तत्व पंजाब की शांति भंग करना चाहेगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
डीजीपी ने विदेश में बैठे पंजाबियों से अपील करते हुए कहा कि वो एक बार पंजाब आकर यहां की कानून-व्यवस्था देखें। पंजाब का माहौल पूरी तरह से शांत है। वे अपने रिश्तेदारों बहन भाइयों के साथ संपर्क करके पंजाब के हालात के संबंध में जानकारी ले सकते हैं। अमृतसर में उन्होंने कहा कि वह पंजाब की शांति, तरक्की, आपसी, भाईचारे की अरदास के लिए श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचे हैं। पंजाब पूरी तरह शांतिमय राज्य है।
निजी कारणों के लिए धार्मिक ग्रंथों का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए
डीजीपी ने कहा कि अमृतपाल जैसे शरारती तत्व धार्मिक स्थलों व धार्मिक ग्रंथों का इस्तेमाल निजी स्वार्थों की पूर्ति के लिए करना चाहते हैं। उन्होंने कहा के ऐसे लोगों को निजी कारणों के लिए धार्मिक स्थलों और धार्मिक ग्रंथों के दुरुपयोग की आज्ञा नहीं दी जाएगी।