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जेट उड़ाने के लिए दाढ़ी कटवाने की मजबूरी!: रॉयल एयरफोर्स की शर्त से जत्थेदार नाराज, हक में उठाई आवाज

Thu, 05 Nov 2026 10:48 AM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर

सार

श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि धार्मिक पहचान कायम रखते हुए सिख नौजवानों को सैन्य सेवाओं में आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।
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श्री अकाल तख्त - फोटो : फाइल
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विस्तार
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ब्रिटेन की रॉयल एयरफोर्स में सेवाएं निभा रहे सिख पायलटों को जेट विमान उड़ाने के दौरान दाढ़ी के केस कटवाने की शर्त से छूट दिलाने की मांग उठी है।
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श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने यूके के सिख डिफेंस नेटवर्क को इस मामले में ब्रिटिश सेना और एयरफोर्स के उच्च अधिकारियों से बातचीत करने को कहा है। उन्होंने कहा कि धार्मिक पहचान कायम रखते हुए सिख नौजवानों को सैन्य सेवाओं में आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।

ब्रिटेन की रॉयल एयरफोर्स में फ्लाइट लेफ्टिनेंट का पद हासिल करने वाले अरशदीप सिंह अपने माता-पिता के साथ लंदन में जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान यूके आधारित सिख डिफेंस नेटवर्क के चेयरमैन प्रितपाल सिंह भी मौजूद रहे। जत्थेदार ने अरशदीप सिंह को उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए सिख पहचान कायम रखने के लिए प्रेरित किया।
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बैठक में अरशदीप सिंह ने बताया कि जेट विमान उड़ाने के ऑपरेशन के दौरान मास्क पहनने के लिए रॉयल एयरफोर्स की तकनीकी शर्तों के तहत सिख पायलटों को दाढ़ी के केस कटवाने पड़ते हैं। वह सिख सिद्धांतों और परंपराओं को अपनाना चाहते हैं, लेकिन इस शर्त के कारण परेशानी आती है।

इस पर जत्थेदार गड़गज्ज ने सिख डिफेंस नेटवर्क के चेयरमैन प्रितपाल सिंह को ब्रिटिश सेना और एयरफोर्स के अधिकारियों के साथ बातचीत कर सिख धर्म में केसों के महत्व और धार्मिक पहचान के बारे में जानकारी देने को कहा। प्रितपाल सिंह ने भरोसा दिया कि नेटवर्क इस शर्त को हटवाने के लिए यूके सरकार के साथ बातचीत करेगा।
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जत्थेदार ने भारतीय वायुसेना के पूर्व प्रमुख एयर चीफ मार्शल अर्जन सिंह का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने केस और दाढ़ी के साथ सैकड़ों फ्लाइट ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरे किए थे। सिखों ने दोनों विश्व युद्धों सहित कई युद्धों में अपनी धार्मिक पहचान कायम रखते हुए सेवाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि दाढ़ी के केस कटवाने जैसी शर्तें प्रतिभाशाली सिख युवाओं को सैन्य सेवाओं से दूर कर सकती हैं।
 
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