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तरनतारन में हादसे में घायल दूसरे भाई की भी मौत

Mon, 11 Apr 2016 09:56 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/अमृतसर
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प्रदर्शन - फोटो : dummy picture
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राजस्थान-अमृतसर नेशनल हाईवे स्थित गांव अलादीनपुर के पास ढिल्लों हाइवेज कंपनी की बस के नीचे आने से मृत गुरजश्नप्रीत सिंह के बड़े भाई गुरविंदर सिंह (26) ने भी रविवार को दम तोड़ दिया। इसके बाद मृतक के परिजनों और क्षेत्र के विभिन्न शिअद नेताओं ने शव सड़क पर रखकर प्रशासन के खिलाफ धरना दिया।
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उन्होंने मांग की कि चालक के साथ-साथ बस कंपनी के मालिक के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर मृतक के अभिभावकों को 20-20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। मौके पर क्षेत्र मजिस्ट्रेट सीमा सिंह पहुंचे और धरनाकारियों को इंसाफ दिलाने का भरोसा दिया। 

सीमावर्ती गांव कोटली वसावा सिंह निवासी दो भाई गुरविंदर सिंह (26) और गुरजश्नप्रीत सिंह (20) बाइक से रविवार को तरनतारन से वापस गांव जा रहे थे। अमृतसर-राजस्थान नेशनल हाईवे पर स्थित गांव अलादीनपुर के पास ढिल्लो हाईवेज कंपनी की बस नंबर पीबी-19-डी-7907 की चपेट में आने से वह घायल हो गए।
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उन्हें गुरु नानक देव सुपर स्पेशलिटी अस्पताल तरनतारन में दाखिल करवाया गया। जहां उपचार के दौरान गुरजश्नप्रीत सिंह की मौत हो गई। हादसे के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। इस बाबत थाना सदर से ड्यूटी अधिकारी एएसआई परमजीत सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को कब्जे में लेकर मृतक के रिश्तेदार गुरसाहिब सिंह निवासी गांव ढोलण के बयान पर अज्ञात बस चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने गुरजश्नप्रीत सिंह का शव अभिभावकों को सौंप दिया। 

हादसे में गंभीर घायल गुरविंदर सिंह ने रविवार को उक्त अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इसके बाद मृतक के अभिभावकों और क्षेत्र के विभिन्न शिअद नेताओं ने शव सड़क पर रखकर हादसे वाले स्थान पर धरना लगा दिया। मृतकों के अभिभावकों को 20-20 लाख का मुआवजा और सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की। मौके पर क्षेत्र मजिस्ट्रेट सीमा सिंह, थाना सदर से जांच अधिकारी परमजीत सिंह पहुंचे और धरनाकारियों को इंसाफ दिलाने का आश्वासन दिया। थाना सदर के प्रभारी इंस्पेक्टर यादविंदर सिंह ने कहा कि हादसे का कारण बनी बस कंपनी की ओर से चालक थाने में पेश करवाया जा रहा है। 

शिअद नेताओं ने बुलंद की आवाज
मौके पर धरना देने वालों का नेतृत्व करते हुए जिला परिषद की चेयरपर्सन रजवंत कौर झब्बाल के पति चेयरमैन हरवंत सिंह झब्बाल, ब्लॉक समिति के पूर्व चेयरमैन भूपिंदर सिंह कोट, ब्लॉक समिति सदस्य प्रभजीत सिंह कोट, मार्केट कमेटी के डायरेक्टर दिलबाग सिंह के अलावा विभिन्न शिअद के सरपंचों, पंचों ने संबोधित करते हुए कहा कि हरिके से अमृतसर तक निजी ट्रांसपोर्टरों वाले सड़कों पर दहशत फैला रहे हैं।

उन्होंने कहा कि तेज रफ्तार बसें सड़क हादसे का कारण बनती हैं। इस सड़क पर स्पीड गति निर्धारित की जाए। चेयरमैन हरवंत सिंह ने कहा कि सड़क हादसे का कारण बनने वाली बसों के मालिकों के खिलाफ बड़े स्तर पर संघर्ष किया जाएगा। चाहे वह शिअद नेताओं की बसें ही क्यों ना हो। 

कंपनी के मालिक पर हो 302 का मुकदमा
नेशनल हाईवे पर विलाप करने वाले मृतक के पारिवारिक सदस्यों को दिलासा देने वालों की आंखें भी नम हो रही थी। पूर्व सरपंच प्रताप सिंह, जसपाल सिंह फौजी, पंच बलजीत सिंह, सरवण सिंह, गुरमुख सिंह, गुरपिंदर सिंह, काबल सिंह ने बताया कि मध्यम वर्गीय किसानी से जुड़े गुरजश्नप्रीत सिंह कुंवारा था।

रविवार को मृत गुरविंदर सिंह छह माह की लड़की का पिता था। मौके पर मृतक की विधवा बलजीत कौर ने मांग की कि बस चालक के साथ-साथ कंपनी के मालिक के खिलाफ 302 का मुकदमा दर्ज किया जाए। उसने आरोप लगाया कि ट्रांसपोर्ट कंपनी की ओर से उनके परिवार के साथ हमदर्दी व्यक्त करने की बजाय केस वापस लेने की धमकियां दी जा रही हैं।
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