पहाड़ी इलाकों में हो रही तेज बारिश के चलते उज्ज दरिया में बढ़ रहे जल स्तर के कारण मकौड़ा पत्तन में रावी दरिया में पानी बढ़ने से पेश आई दिक्कतों के बाद गुरदासपुर के डीसी मोहम्मद इश्फाक ने विशेष रूप से खुद पहुंचकर जायजा लिया। इस मौके पर उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को हल करने का आश्वासन दिया। गौर रहे कि अमर उजाला ने शुक्रवार को इस संबंध में खबर प्रकाशित की थी। इसमें बताया था कि रावी दरिया में पानी ज्यादा आने के चलते किश्तियों को बंद कर दिया गया है। इसके बाद शुक्रवार को डीसी के आगमन से पहले ही पानी कम होने पर दोबारा सेवा बहाल की कर दी गई।
मकौड़ा पत्तन पर हालात जानने पहुंचे डीसी मोहम्मद इश्फाक ने रावी दरिया के नजदीक एवं दरिया के पार गांव के लोगों से बातचीत की। गांव के लोगों ने बताया कि दरिया में भू-क्षरण के कारण दरिया से पार पांच गांव को जाने वाली मुख्य सड़क बहने से उन्हें दिक्कत हो रही है। इसके साथ गांव निवासियों ने उन्हें पल्टून पुल सहित विभिन्न समस्याओं के बारे में बताया और एक शेड बनाने की मांग की। इस पर तुरंत डीसी इश्फाक ने अधिकारियों के साथ बात कर गांव के लोगों को बताया कि इरिगेशन विभाग रविवार से सड़क बनाने का काम शुरू कर देगा। जिसके बाद मंडी बोर्ड उस पर सड़क का काम शुरू करेगा। वहीं पंचायत सचिवों को भी हिदायत दी गई कि मनरेगा के तहत सड़क या जमीन को भू-क्षरण से बचाने के लिए ठोस प्रबंध किए जाएं। उन्होने कहा कि पल्टून पुल के संबंध में पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को कहा है जो पुल के लिए जरूरी प्रबंध तैयार रखें। वहीं डीसी ने शेड बनाकर देने की बात भी कही।
इसी के साथ साथ रावी दरिया से पार गांव में मनरेगा के तहत चहुंमुखी विकास करने की बात करते हुए सरपंचों एवं पंचों को डीसी ने कहा कि वह गांव में छप्पड़ों का नवीनीकरण, पार्क एवं खेल स्टेडियम आदि बनाने का काम करें। डीसी ने बताया कि हर गांव में मनरेगा के तहत 30 से 40 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। पानी की सप्लाई का काम बारिश की वजह से रुका है, जो जल्द पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि बरसाती मौसम चल रहा है, इसके लिए लगातार इस क्षेत्र से संबंधित समस्याएं उनके ध्यान में लाई जाएं, ताकि समय पर हल किया जा सके। इस मौके पर डीसी के साथ एसडीएम रमन कौछड़, तहसीलदार मनजीत सिंह, एक्सईएन जगदीश राज, एक्सईएन अनूप सिंह, एसडीओ नरेश कुमार, गांव तूर के सरपंच गुरनाम सिंह एवं भडिआल के पूर्व सरपंच रूपसिंह भी मौजूद थे।