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10 साल पहले हुआ कत्ल : अब पुलिस को मिला हवेली में दफन महिला का कंकाल, ऐसे खुला हत्या का राज

Fri, 12 Mar 2021 01:16 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)

सार

  • पुलिस ने मृतका के भाई की सूचना पर हवेली की खुदाई करा कंकाल कब्जे में लिया
  • चाचा-चाची पर हत्या करने का आरोप, पुलिस ने मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया 
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अमृतसर में पुलिस ने बरामद किया कंकाल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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अमृतसर में थाना चौक मेहता की पुलिस ने गांव दयालगढ़ में 10 वर्ष पहले कत्ल की गई तलाकशुदा महिला का कंकाल बुधवार की शाम को बरामद किया है। मृतका के भाई की सूचना पर पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में बंद हवेली के आंगन की खुदाई कराकर कंकाल कब्जे में लिया है।

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पुलिस ने भाई की शिकायत पर हत्या के आरोप में चाचा-चाची को गिरफ्तार कर मामला दर्जकर लिया है। पुलिस कंकाल का डीएनए टेस्ट कराने की तैयारी कर रही है। पुलिस को मृतका के भाई के भी हत्याकांड में शामिल होने की आशंका है।  

थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनजिंदर सिंह ने बताया कि दयालगढ़ निवासी निरवैर सिंह ने पुलिस को सूचना दी कि वह अपने माता-पिता और बहन रमनदीप कौर, चाचा परगट सिंह और चाची रंजीत कौर के साथ एक ही घर में रहता था। साल 2008 में उसकी बहन का तलाक हो गया था। अदालती आदेश के बाद रमनदीप कौर को पति से साढ़े चार लाख रुपये मिले थे। 

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तलाक के बाद बहन अपने बेटे के साथ मायके में ही रह रही थी। चाचा और चाची ने आर्थिक हालत खराब होने पर रमनदीप कौर से तलाक में मिले साढ़े चार लाख रुपये खेती में लगाने के नाम पर ले लिए। निरवैर ने बताया कि दो साल बाद बहन रमनदीप ने चाचा और चाची से पैसे वापस मांगने शुरू कर दिए। उनकी नीयत खराब हो गई थी। 

फरवरी 2011 में चाचा परगट सिंह ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर रमनदीप की हत्या कर दी और शव बंद हवेली के आंगन में दबा दिया। बाद में पुलिस में रमनदीप के लापता होने की शिकायत दर्ज करवा दी। थाना प्रभारी ने बताया कथित आरोपी चाचा परगट सिंह और चाची रंजीत कौर के खिलाफ हत्या का मामला दर्जकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। डीएनए टेस्ट कराकर पता लगाया जाएगा कि कंकाल रमनदीप कौर का है या किसी अन्य महिला का। 

थाना प्रभारी के अनुसार निरवैर ने अब चाचा से रंजिश के चलते हत्याकांड की जानकारी पुलिस को दी है। निरवैर के भी हत्याकांड में शामिल होने की आशंका है। पता चला है कि घटना के दौरान आरोपी अपने चाचा-चाची के साथ ही था। निरवैर सिंह से भी पूछताछ की जा रही है कि आखिर वह इतने साल तक चुप क्यों रहा। मामले की जांच की जा रही है। 

सात साल जेल काट चुका है भाई निरवैर
पुलिस के मुताबिक तलाक के बाद निरवैर सिंह को संदेह था कि उसकी बहन के चौधरीवाल गांव के एक डॉक्टर के साथ संबंध हैं। इस पर निरवैर ने डॉक्टर के चेहरे पर तेजाब फेंक दिया था। इस मामले में कोर्ट ने निरवैर सिंह को सात साल की सजा सुनाई थी। वह तीन साल पहले ही सजा पूरी कर जेल से छूटा था।
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