तलाक के बाद बहन अपने बेटे के साथ मायके में ही रह रही थी। चाचा और चाची ने आर्थिक हालत खराब होने पर रमनदीप कौर से तलाक में मिले साढ़े चार लाख रुपये खेती में लगाने के नाम पर ले लिए। निरवैर ने बताया कि दो साल बाद बहन रमनदीप ने चाचा और चाची से पैसे वापस मांगने शुरू कर दिए। उनकी नीयत खराब हो गई थी।
फरवरी 2011 में चाचा परगट सिंह ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर रमनदीप की हत्या कर दी और शव बंद हवेली के आंगन में दबा दिया। बाद में पुलिस में रमनदीप के लापता होने की शिकायत दर्ज करवा दी। थाना प्रभारी ने बताया कथित आरोपी चाचा परगट सिंह और चाची रंजीत कौर के खिलाफ हत्या का मामला दर्जकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। डीएनए टेस्ट कराकर पता लगाया जाएगा कि कंकाल रमनदीप कौर का है या किसी अन्य महिला का।
थाना प्रभारी के अनुसार निरवैर ने अब चाचा से रंजिश के चलते हत्याकांड की जानकारी पुलिस को दी है। निरवैर के भी हत्याकांड में शामिल होने की आशंका है। पता चला है कि घटना के दौरान आरोपी अपने चाचा-चाची के साथ ही था। निरवैर सिंह से भी पूछताछ की जा रही है कि आखिर वह इतने साल तक चुप क्यों रहा। मामले की जांच की जा रही है।
सात साल जेल काट चुका है भाई निरवैर
पुलिस के मुताबिक तलाक के बाद निरवैर सिंह को संदेह था कि उसकी बहन के चौधरीवाल गांव के एक डॉक्टर के साथ संबंध हैं। इस पर निरवैर ने डॉक्टर के चेहरे पर तेजाब फेंक दिया था। इस मामले में कोर्ट ने निरवैर सिंह को सात साल की सजा सुनाई थी। वह तीन साल पहले ही सजा पूरी कर जेल से छूटा था।