दो वर्ष पहले स्थानीय वेरका में गलती से पुलिस की गोलियों से मारे गए मुखजीत सिंह मुक्खा की हत्या में शामिल आठ पुलिस कर्मचारियों पर हाईकोर्ट के आदेशों पर मामला दर्ज किया गया है।
16 जून 2015 को वेरका में गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया का ट्रेप लगाकर इंतजार कर रही पुलिस पार्टी ने सामने से आ रही गाड़ी में आ रहे मुखजीत सिंह मुक्खा पर गोलियों की बौछार कर दी। इससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मृतक पर आरोप लगाया था कि गाड़ी रोकने पर उन पर फायर किए गए।
उन्होंने बचाव में गोलियां चलाईं। मुक्खा के परिजनों की मांग पर सारे मामले की जांच एसआईटी बनाकर आईजी पुलिस जी नागेश्वर को सौंपी गई। रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि पुलिस की ओर से मुक्खा को देखते ही गोलियों की बौछार कर दी गई व उसे गोली चलाने का मौका भी नहीं मिला। इसके अतिरिक्त उनके द्वारा गोली चलाने से पहले किसी भी बड़े अधिकारी का आदेश नहीं लिया गया। हाईकोर्ट ने एसआईटी की रिपोर्ट पर आठ पुलिस कर्मचारियों पर मामला दर्ज करने और उन्हें गिरफ्तार करने के आदेश दिए।
एसआई रमेश कुमार, एएसआई जोगिंदर सिंह, हेड कांस्टेबल रणबीर सिंह, राजेश कुमार, संदीप कुमार, जसबीर सिंह, कांस्टेबल नवजोत सिंह और सतविंदरजीत सिंह पर मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।