अमृतसर पुलिस के एसएसओसी सैल की ओर से अमृतसर रेलवे स्टेशन से हथियारों व गोलियों के साथ पकड़े गए युवा सुमितपाल और अपर्णदीप खालसा कालेज में बीए के छात्र हैं। इलाके में अपनी दहशत व प्रभाव बढ़ाने के लिए वे इस धंधे में उतरे थे।
दोनों आरोपी तीन दिन के पुलिस रिमांड पर हैं और उनसे विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी गहन पूछताछ कर रहे हैं। तरनतारन जिले के रहने वाले दोनों आरोपी इलाके में अपनी दहशत व प्रभाव बढ़ाने के लिए गैंगस्टर से आतंकी बने लखबीर सिंह के साथ संपर्क में आए थे।
लखबीर के इशारों पर ही दोनों युवाओं ने हथियार तस्करी कर एक से दूसरी जगह पहुंचने का काम शुरू किया था। आरोपी मध्य प्रदेश से हथियार लाकर पंजाब में सप्लाई करते थे। इसके लिए ऑर्डर उनको लखबीर से ही फोन के माध्यम से मिलता था। इस से पहले भी आरोपी एक बार हथियार मध्य प्रदेश से ला चुके है। परंतु इस बार वह पुलिस के काबू आ गए।
मामले में जांच कर रहे एक अधिकारी का कहना है कि आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वह मध्य प्रदेश के एक गैर कानूनी हथियारों के कारोबारी के साथ संपर्क में आए और उसी से 60 हजार रुपये में एक पिस्टल लेते थे और पंजाब लाकर महंगे दाम पर बेचते थे। इससे एक तो उनको पैसे भी मिल जाते और उनका संबंध अपराध की दुनिया के साथ जुड़े अलग अलग गैंगस्टरों के साथ हो जाता था। इस बार भी वह जेल से मिले हथियारों के आर्डर को भुगताने के लिए हथियार लाए थे। वह कुछ दिन पहले बस से मध्य प्रदेश गए थे और हथियार लेकर वापस ट्रेन से आए थे। पुलिस ने मिली एक सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को रेलवे स्टेशन से बाहर निकलते ही दबोच लिया था।
अब इंटर स्टेट हथियार तस्कर गैंग मामले पुलिस ने आतंकी लखबीर सिंह लंडा और गैंगस्टर गुरदेव सिंह जैमल के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मध्य प्रदेश से पंजाब में हथियारों की तस्करी करने वाले सरगना की भी पहचान कर पकड़ने के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।
एसएसओसी की जांच में मध्य प्रदेश के तस्कर की भी जानकारियां मिल गई है। जांच के अनुसार दोनों युवाओं को हथियार मध्य प्रदेश के बुरहानपुर निवासी हरदीप सिंह पुत्र सतनाम सिंह ने दिए थे। पुलिस जांच कर रही है कि इन युवाओं ने आगे डिलीवरी किसे दी जानी थी। जांच अधिकारियों का कहना है कि मामले में जांच अभी जारी है। जल्द ही इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां भी होंगी।