दिसंबर 2022 में थाना सरहाली पर हुए आरपीजी हमले के मुख्य आरोपी अजमीत सिंह की शुक्रवार रात अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी। वह करीब 15 आतंकी वारदात में वांटेड था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम करवाकर जांच शुरू की है।
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तरनतारन जिले के नौशहरा पन्नुआं का निवासी अजमीत सिंह, केंद्रीय जेल गोइंदवाल साहिब में बंद था। उसने वहीं से सरहाली थाने पर आरपीजी हमले की योजना बनाई थी। विदेश में बैठे गैंगस्टर लखबीर सिंह लंडा के संपर्क में आया। उसने करीब दस लोगों का एक माॅड्यूल बनाया। इस माॅड्यूल ने रात को थाने पर हमला किया, हालांकि इसमें कोई जानी नुकसान नहीं हुआ था। पुलिस ने तत्काल ही हमले की गुत्थी सुलझाई। कई लोगों को पकड़ा गया, जिनमें तरनतारन के दो जुवेनाइल भी शामिल थे।
अजमीत अगस्त में केंद्रीय जेल गोइंदवाल साहिब से जमानत पर रिहा हुआ था। शुक्रवार रात वह अपने घर के बाहर घूम रहा था। बाइक सवारों ने उस पर गोलियां चलाईं, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
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गैंगस्टरों ने ली जिम्मेदारी
गैंगस्टर डोनी बल, प्रभ दसूवाल, शगनप्रीत, अफरीदी टूट, मोहब्बत रंधावा और अमन ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट किया। उन्होंने अजमीत सिंह की हत्या की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने बताया कि लखबीर सिंह लंडा का करीबी अजमीत सिंह उनके साथियों को नुकसान पहुंचाने की योजना बना रहा था इसी कारण उसकी हत्या की गई। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं ताकि हमलावरों को काबू किया जा सके।