पापा ने 100 नंबर पर दो बार कॉल किया लेकिन कोई भी जवाब नहीं मिला। पापा ने रिवाल्वर निकाला लेकिन आरोपियों ने दरवाजा तोड़कर उन पर हमला कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें, बेटी और पापा का मुंह हाथ बांधकर घर को लूट लिया। जाते जाते आरोपी उनकी इनोवा गाड़ी भी ले गए।
पुलिस ने धारीवाल से बरामद की इनोवा
एसएचओ मंजीत सिंह धालीवाल ने बताया कि रात एक बजे उन्हें कंट्रोल रूम से जानकारी मिली थी कि अमृतसर नंबर की एक इनोवा गाड़ी धारीवाल के नजदीक एक गांव के बाहर खड़ी है। गाड़ी पंचर होने के बाद आरोपी गाड़ी छोड़कर भाग गए थे। पुलिस ने रात ढाई बजे इस गाड़ी को कब्जे में ले लिया। आरोपी नेपाली नौकर वारदात के बाद गुरदासपुर की तरफ भागे हैं। पुलिस ने टोल प्लाजा की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। नियमों के अनुसार कोठी के मालिक को नौकरी पर रखे नेपाली दंपती के बारे में पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी जो इन्होंने नहीं दी।