अमृतसर के कस्बा रईया में बुधवार को सुनार की दुकान पर लूट की वारदात हुई थी। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपियों में से तीन युवक जल्लूपुर खेड़ा के हैं, जबकि चौथा गांव भिंडर का है। गांव जल्लूपुर खेड़ा वारिस पंजाब दे जत्थेबंदी के प्रमुख अमृतपाल सिंह का पैतृक गांव है। पकड़े गए लुटेरों से पुलिस ने एक पिस्टल, एक मोटरसाइकिल और एक्टिवा बरामद की है।
जानकारी के अनुसार फेरूमन रोड दीपक ज्वेलर शॉप के मालिक अमित ने बताया कि वह होली वाले दिन दोपहर के वक्त दुकान पर बैठे हुए थे। उसी दौरान तीन युवक दुकान के अंदर आए और एक बाहर खड़ा रहा। दो के पास पिस्तौल और एक के हाथ में तेजधार दातर था। आते ही लुटेरों ने उस पर पिस्तौल तानी और कहा कि जो भी है निकाल दे। साथ ही उसे पीछे की तरफ घसीट कर ले गए।
अमित ने बताया कि जब लुटेरे दुकान लूट रहे थे, उसने हिम्मत कर अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर निकाली और लुटेरों की तरफ फायर किया। इसके बाद लुटेरे दुकान से भाग गए। उन्होंने और बाहर खड़े लोगों ने लुटेरों का पीछा करना शुरू किया और कुछ दूरी पर ही एक लुटेरे को मोटरसाइकिल के साथ पकड़ लिया।
सूचना मिलते ही रईया थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी हरदेव सिंह ने बताया कि पीड़ित दुकानदार अमित के बयानों के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने गांव जल्लूपुर खेड़ा के निवासी शेरा को पकड़ लिया है। उसने गांव भिंडर के रहने वाले करण, जल्लूपुर खेड़ा के रणजीत सिंह और गुरमीत सिंह के नामों का अपने साथियों के रूप में खुलासा किया है जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है।