श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पावन स्वरूपों के गायब होने के गंभीर मामले में पुलिस ने दूसरी गिरफ्तारी की है। इस मामले में कमलजीत सिंह को अमृतसर के एक गांव से गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पूर्व मुख्य लेखा अधिकारी सतेंद्र सिंह कोहली को चंडीगढ़ से काबू किया गया था।
यह मामला वर्ष 2020 में पावन स्वरूपों के लापता होने से जुड़ा है, जिसकी एफआईआर वर्ष 2025 में दर्ज की गई। जांच आगे बढ़ने पर 7 दिसंबर 2025 को अमृतसर पुलिस ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पूर्व मुख्य सचिव सहित कुल 16 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
पुलिस के अनुसार, एफआईआर में कमलजीत सिंह का नाम 11वें नंबर पर दर्ज है। एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी के हवाले से सामने आया है कि कमलजीत सिंह ने 212 पावन स्वरूप भेजने के बाद उनका रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज नहीं किया। इसके अलावा 55 अन्य स्वरूप तैयार करने के बावजूद उन्हें आगे नहीं भेजा गया, जिससे कुल 267 पावन स्वरूपों के पैसों का गबन होने का आरोप है। इसी मामले में उसे पहले भी हिरासत में लिया जा चुका था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई है। अदालत से मिले सर्च वारंट के आधार पर पुलिस ने शनिवार को जांच तेज करते हुए एक साथ 15 स्थानों पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। पुलिस के अनुसार, इन ठिकानों में अमृतसर शहर के आठ स्थान शामिल हैं, जबकि चंडीगढ़ में दो, गुरदासपुर, रोपड़, तरनतारन और अमृतसर देहाती क्षेत्र में एक-एक जगह पर तलाशी ली गई है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं।