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साले ने अपने नौकर के साथ मिल की थी जीजा की हत्या

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आतंकी गतिविधियों में शामिल साले के भाई को पकड़वाने पर जीजा की हत्या में तीन गिरफ्तार
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पुलिस ने जंडियाला के गावं खलेरा में महिला उमीदवार के नंदोई की हत्या की गुत्थी सुलझाई
जीजा ने साले जसमेर के छोटे भाई सोना को पुलिस के हवाले किया था
पुलिस ने जसमेर, टीटू व एक अन्य आरोपी जागीर सिंह को किया गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर। जंडियाला कसबे के गावं खलेरा की सरपंची का चुनाव लड़ रही कॉग्रेस समर्थक महिला उमीदवार के नंदोई की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। महिला के पति जसमेर सिंह ने अपने नौकर टीटू की मदद से अपने ही जीजा तजिंदर सिंह की हत्या की थी। हत्या का मुख्य कारण तजिंदर सिंह ने अपने साले जसमेर सिंह के छोटे भाई पलविंदर सिंह उर्फ सोना को एक आपराधिक मामले में पुलिस के हवाले किया था। सोना आतंकवादी गतिविधियों में शामिल था। तजिंदर सिंह कई बार अपने साले जसमेर को सोना की आतंकी गतिविधियों के बारे में बता चुका था। इसके बावजूद जसमेर अपने भाई के बारे में पुलिस को कोई भी सूचना देने का विरोध अपने जीजा से करता रहता था। पुलिस ने हत्यारोपी जसमेर सिंह, उसके नौकर टीटू व एक अन्य आरोपी जागीर सिंह को अरेस्ट कर लिया है।
अमृतसर पुलिस के एसएसपी परमपाल सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया की तजिंदर सिंह की हत्या 29 दिसंबर 2018 को उस समय हुई थी जब वह अपनी सालेहार के लिए चुनाव प्रचार करने के लिए अपने साले व उसके नौकर के साथ सुबह-सवेरे जा रहा था। जसमेर सिंह खलेहरा ने इस कत्ल का आरोप उसी गांव के निवासी हरजिंदर सिंह पुत्न मोहिंदर सिंह, जसपाल सिंह पुत्न जोगिंदर सिंह, कुलदीप सिंह पुत्न तारा सिंह व 2-3 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ लगाए गए थे। उसने आरोप लगाया कि इन व्यक्तियों ने उसके जीजा तजिंदर सिंह पुत्न समुंद सिंह के सिर पर तेजधार हथियारों की चोटें मारकर हत्या कर दी थी।
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जिसके चलते पुलिस थाना जंडियाला गुरु में इन व्यक्तियों के खिलाफ धारा 302, 341, 148, 149 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया था। लेकिन पुलिस की जांच में यह शक की सुई जसमेर सिंह और उसके नौकर टीटू पर घूमने लगी। कई पहलुओं पर जांच करने पर यह बात सामने आई कि आखिर सुबह 5 बजे वह किन मतदाताओं से वोट मांगने गए थे? जिस जगह घटना हुई वहां चारे के खेत में पांव के निशान सिर्फ कुछ जगह ही लगे थे ,जबकि अगर कत्ल में शामिल इतने आरोपी है, तो उनके पैरों के निशानों की संख्या इतनी कम क्यों ।
एसएसपी ने बताया की पुलिस ने जसमेर सिंह द्वारा मीडिया को दिए बयानों की भी जांच की गई।
मीडिया को आरोपी बयान दे रहा था की जब तजिंदर सिंह पर तेज धार हथियारों से हमला हो रहा था तो वह अपनी जान बचाने के लिए अपने नौकर टीटू के साथ भाग खड़ा हुआ था। इस पर भी शक की सुई जसमेर की तरफ घूमती थी। फिर वह सुबह सुबह 5 बजे कैसे इन आरोपियों को पहचान गया जबकि वह कह रहा था मुझे अंधेरे में पता नही चला। इसके अलावा सबसे अहम बात यह भी सामने आई है कि उसने चुनाव वाले दिन अपना वोट डाला नहीं जबकि उसकी पत्नी रुपिंदर कौर सरपंच की उम्मीदवार थी।
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इन सब बातों का कहीं ना कहीं कत्ल के साथ तार जुड़ा हुआ साबित करता है। इस घटना की जांच के लिए एस एस पी देहाती परमपाल सिंह और एस पी डी हरपाल सिंह पहुंचे थे। जिन्होंने ने जांच के आदेश दिए थे। जब इस मामले की गंभीरता से जांच की तो यह बात सामने आई कि शिकायतकर्ता जसमेर सिंह खलेहरा, टीटू सिंह (नौकर) और जगीर सिंह पुत्न प्रीतम सिंह निवासी दशमेश नगर थाना जंडियाला गुरु जिला अमृतसर ने तजिंदर सिंह (जसमेर का जीजा) का कत्ल किया है। इसकी वजह जसमेर सिंह ने पूछताछ में उसके छोटे भाई पलविंदर सिंह उर्फसोना जो कि आंतकवादी था को पुलिस से पकड़वाया था। इस मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उससे खून से लथपथ कपड़े भी बरामद कर लिए गए हैं। आरोपी जसमेर सिंह ने यह बताया कि हरजिंदर सिंह व अन्य व्यक्तियों का नाम इस लिए लिखाया था क्योंकि आरोपी की पत्नी रुपिंदर कौर हरजिंदर सिंह पत्नी संदीप कौर दोनों चुनाव में सरपंची के लिए खड़ी थी।
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