डीडीपीओ दफ्तर में सुपरिडेंट से भिड़े लोग
सुपरिडेंट पर रिश्वत लेने का आरोप, अधिकारियों ने नकारा
नई ग्राम पंचायत का आवेदन करने पहुंचे थे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
गांव एमा गुज्जरां के चक पस्वाल क्षेत्र को अलग ग्राम पंचायत बनाने के लिए आवेदन देने जिला ब्लाक एंड पंचायत दफ्तर पहुंचे गांववासी सुपरिडेंट से भिड़ गए। गांव के नंबरदार समेत अन्य लोगों ने सुपरिडेंट पर पैसे मांगने का आरोप लगाया। बात हलके के विधायक जोगिंदर पाल तक पहुंचने पर हलके के कांग्रेसी भी डीडीपीओ दफ्तर आ पहुंचे। इस दौरान सुपरिडेंट अशोक कुमार की गांववासी और कांग्रेसी नेताओं के साथ जमकर बहस हुई। घटना के दौरान डीडीपीओ कुलदीप सिंह दफ्तर में मौजूद नहीं थे। डीडीपीओ के पहुंचने के बाद मामला शांत हो पाया। डीडीपीओ और सुपरिडेंट ने पैसे के लेनदेन जैसी किसी भी बात से साफ इंकार किया।
चक पस्वाल के नंबरदार साब सिंह ने बताया कि चक पस्वाल को अलग ग्राम पंचायत बनाने के लिए प्रशासन को आवेदन भेजा था। सुपरिडेंट ने उनकी फाइल रोक दी। जब वह इस बात को लेकर दफ्तर गए तो सुपरिडेंट आनाकानी करते हुए रिश्वत मांगने लगा। इससे पहले भी सुपरिडेंट फाइल आगे बढ़ाने के लिए पैसे ले चुका था। जब उन्होनें पैसे देने से इंकार किया तो सुपरिडेंट भड़कने लगा। वहीं सुपरिडेंट अशोक कुमार ने बताया कि चक पस्वाल की आबादी सरकारी नियमों में निर्धारित आबादी से कम है। इस कारण चक पस्वाल को अलग ग्राम पंचायत नहीं बनाया जा सकता। इतनी बात ही उन्होंने गांव के नंबरदार और लोगों को समझाने की कोशिश की। लेकिन वह बहस पर उतारू हो गए।
वहीं डीडीपीओ कुलदीप सिंह ने कहा कि घटना के दौरान वह किसी गांव के दौरे पर गए थे। लेकिन मामले में उन्होनें सारे कागजात देखे हैं। आबादी कम होने के कारण हेडक्वार्टर से ही फाईल पर रोक लगी है। वहीं रिश्वत लेने की बात बिल्कुल झूठी है। पूरे ऑफिस में कोई भी कर्मी रिश्वत की मांग नहीं करता है।
एमएलए तक पहुंची बात तो आ धमके कांग्रेसी
विधायक जोगिंदर पाल तक मामले की सूचना पहुंचते ही स्थानीय कांग्रेसी मौके पर आ धमके और सुपरिडेंट से बहस करने लगे। गांव के नंबरदार के मुताबिक रिश्वत मांग रहे सुपरिडेंट से जब उन्होंने विधायक जोगिंदर की बात करवाई तो उनसे भी बदसलूकी की। इसके बाद कांग्रेसी मौके पर पहुंच गए। वहीं सुपरिडेंट का कहना है कि विधायक से कहासुनी नहीं हुई, सिर्फ सामान्य बात ही हुई थी।