संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। माकपा की राज्य कार्यकारिणी कमेटी के निर्णयानुसार जिला कमेटी ने लैंड पूलिंग नीति और प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर लगाने के विरोध में रोष प्रदर्शन किया। इन मांगों को लेकर माकपा वर्करों ने डीसी के माध्यम से पंजाब के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।
माकपा के जिला सचिव कामरेड चरणजीत सिंह मजीठा, सुच्चा सिंह अजनाला और कंवलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार पूंजीवादी ताकतों के साथ मिलकर किसानों की जमीन छीनकर कॉर्पोरेट घरानों को देना चाहती है। पंजाब सरकार झूठे वादों करके सत्ता में आई है जिसके आने से महंगाई, भ्रष्टाचार, नशाखोरी और गैंगवार में वृद्धि हुई है। पंजाब सरकार हर तरह से विफल साबित हुई है। पंजाब सरकार ने प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने, पंजाब शॉप्स एंड कमर्शियल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट पारित करने और व्यावसायिक व व्यावसायिक भवनों पर पांच प्रतिशत संपत्ति कर लगाने सहित कई ऐसे फैसले लिए हैं जो गरीब मजदूरों के लिए हानिकारक हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के तीन साल के कार्यकाल में एक भी सड़क या गली का निर्माण नहीं हुआ है जिससे अमृतसर जैसे पवित्र शहर की सूरत को भारी नुकसान पहुंचा है। अमृतसर शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं, करोड़ों रुपये की लागत से बना बीआरटीसी प्रोजेक्ट बंद पड़ा है। सीवरेज व्यवस्था ठप होने से लोगों के घरों में गंदा पानी घुस रहा है। उन्होंने आम जनता से सरकार की भ्रष्ट नीतियों के खिलाफ लामबंद होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 29 जुलाई को निगम कर्मचारियों को स्थायी न करने के विरोध में भगवंत मान का पुतला फूंका जाएगा और 30 जुलाई को संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से निकाले जा रहे ट्रैक्टर मार्च का भी समर्थन किया जाएगा। इस मौके पर कामरेड गुरनाम सिंह तलवंडी, गुरदीप सिंह बुटाला, तरसेम तपियाला, नरिंदर धंजल आदि ने भी संबोधित किया।