-दमदमी टकसाल ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को दी कौम के नाम संदेश न देने की चेतावनी
पंकज शर्मा
अमृतसर। दमदमी टकसाल, एसजीपीसी और श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के बीच 6 जून के घल्लूघारा दिवस (ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी) के कार्यक्रमों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। दमदमी टकसाल के मुखी बाबा हरनाम सिंह धुम्मा ने जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह को उस दिन कौम के नाम संदेश न देने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि सिख कौम उन्हें जत्थेदार नहीं मानती। अगर जत्थेदार कुलदीप सिंह अकाल तख्त से संदेश देते हैं, तो टकसाल और उसके साथ संबंधित संगठन इस का विरोध करेंगे। इस विवाद से श्री हरिमंदिर साहिब में माहौल बिगड़ने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के नेता व पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान ने खुल कर बाबा धुम्मा का विरोध करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि अगर दमदमी टकसाल के वर्कर जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज को कौम के नाम संदेश देने से रोकते हैं, तो उनकी पार्टी के समर्थक दमदमी टकसाल के वर्करों का विरोध करेंगे। एसजीपीसी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने एक प्रतिनिधिमंडल लेकर बाबा धुम्मा के साथ दो जून को मिलने का फैसला लिया है।
वहीं, जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि सिख पंथ को घल्लूघारा दिवस मिलजुल कर मिलाना चाहिए। कुछ शक्तियां माहौल खराब करवाना चाहती हैं। दमदमी टकसाल के मुख्य प्रवक्ता जत्थेदार भाई सुखदेव सिंह कहा कि हमें शिष्टाचार का पाठ पढ़ाने से पहले मान को यह बताना चाहिए कि वह किसके कहने पर पिछले 25 वर्षों से पंथ स्वीकृत जत्थेदारों के संदेशों का विरोध कर रहे हैं।
सिख समुदाय के बीच फूट डालने का प्रयास कर रहीं सरकारें: ज्ञानी राम सिंह
दमदमी टकसाल के एक ग्रुप संगरावां साहिब के मुखी ज्ञानी राम सिंह ने अपील की है कि सभी सिख श्री अकाल तख्त साहिब की छत्रछाया में सिर जोड़कर एक साथ बैठें और लोगों को श्रद्धा के फूल अर्पित करें। उन्होंने कहा कि सरकारें अभी भी सिख समुदाय के बीच फूट डालने और उन्हें आपस में लड़ाने की नीति पर काम कर रही हैं।