तख्त श्री दमदमा साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को हटाने को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब व शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के बीच टकराव गहरा गया है। दोनों संस्थान पंथक मुद्दों को लेकर आमने-सामने आ गए हैं। वहीं, एसजीपीसी व श्री अकाल तख्त साहिब के मध्य पैदा हुए पंथक टकराव के चलते सिख संगत में भी भारी रोष है।
शुरू से लेकर आज तक यही आवाज उठती आई है कि एसजीपीसी मनमानी करते हुए अपने प्रबंधों अधीन आते तीन तख्त साहिबों के जत्थेदारों को मर्जी से नियुक्त करती है और मर्जी से पदों से हटा देती है। इसलिए तख्त साहिबों के जत्थेदारों की नियुक्त और रिटायरमेंट संबंधी नियम बनाए जाने चाहिए। आज तक इस पर एसजीपीसी ने तो कोई नियम बनाए और न ही आज तक यह सार्वजनिक किया है कि गुरुद्वारा एक्ट के अनुसार एसजीपीसी जत्थेदार को हटाने और नियुक्त करने का अधिकार रखती है। जिस को लेकर सोशल मीडिया पर एसजीपीसी के कार्यकारिणी कमेटी के सदस्यों के खिलाफ आम लोगों का रोष खुल कर सामने आना शुरू हो गया है। अगर यह लगातार जारी रहा तो आने वाले दिनों में एसजीपीसी और तख्त साहिबों के जत्थेदारों के मध्य टकराव और अधिक बढ़ जाएगा।