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-अमृतसर में नई बनी सड़कें और छह नई लाइब्रेरी जनता को समर्पित
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार अमृतसर के निवासियों को करीब 350 करोड़ रुपये का तोहफा देते हुए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृतसर के निवासियों को कुल 346.57 करोड़ रुपये की परियोजनाएं समर्पित की जा रही हैं। नई सड़कों के निर्माण पर 56.36 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि सड़क नेटवर्क को अपग्रेड करने पर 287.01 करोड़ रुपये और छह नई लाइब्रेरी बनाने पर 3.20 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
मान ने बताया कि अमृतसर जिले में पंजाब मंडी बोर्ड और लोक निर्माण विभाग की ओर से 56.36 करोड़ रुपये की लागत से नई सड़कों का निर्माण किया गया है। 287.01 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों का उन्नयन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृतसर के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में छह नई लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं। इन लाइब्रेरियों का निर्माण नगर निगम की ओर से 3.20 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। अमृतसर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में दो मौजूदा लाइब्रेरी, जिनमें छेहर्टा लाइब्रेरी और पुराने डीसी कार्यालय लाइब्रेरी शामिल हैं, का क्रमशः 32.58 लाख रुपये और 31.41 लाख रुपये की लागत से नवीनीकरण किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अमृतसर के उत्तरी, केंद्रीय, पूर्वी और दक्षिणी विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक नई लाइब्रेरी स्थापित की गई है। प्रत्येक लाइब्रेरी की लागत 64 लाख रुपये है। ये आधुनिक सुविधाओं से युक्त लाइब्रेरी कंप्यूटर, इंटरनेट, उच्च गुणवत्ता वाला साहित्य और प्रतियोगी परीक्षाओं की अध्ययन सामग्री से सुसज्जित हैं।
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जीएनडीयू के गोल्डन जुबली कन्वेंशन हॉल की सुविधाओं की सराहना
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के गोल्डन जुबली कन्वेंशन हॉल के बेहतरीन बुनियादी ढांचे और सुविधाओं की सराहना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का कन्वेंशन हॉल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों की मेजबानी के लिए पहली पसंद बन रहा है। जीएनडीयू के वीसी डॉ. करमजीत सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और मनीष सिसोदिया को विश्वविद्यालय में चल रहे कार्यक्रमों, शोध कार्यों और विद्यार्थियों के लिए नई सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जीएनडीयू को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओ से श्रेणी एक का दर्जा दिया गया है। इस अवसर पर डीन अकादमिक प्रो. पलविंदर सिंह और रजिस्ट्रार प्रो. केएस चाहल, डॉ. रविंदर कुमार और अन्य अधिकारी मौजूद थे।