डीआईजी हरदयाल सिंह मान, एसएसपी ध्रुमन एच निंबाले, एसपी अमनदीप सिंह बराड़ को एसआईटी में शामिल किया गया था। साथ ही मुख्यमंत्री ने सब डिवीजन गोइंदवाल साहिब के डीएसपी, थाना सदर के प्रभारी को सस्पेंड किया था।
मरने वाले लोगों में से केवल 33 के शवों का ही पोस्टमार्टम हुआ था। सरकार ने दावा किया था कि एक माह में अदालत में चालान पेश किया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में देरी के चलते मामला ठंडे बस्ते में चला गया था।
मंगलवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आते ही बुधवार को पुलिस ने अदालत में चालान पेश कर दिया। एसएसपी ध्रुमन एच निंबाले ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर सीजेएम सुमित भल्ला की अदालत में 36 आरोपियों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास आबकारी एक्ट व अन्य धाराओं के तहत चालान पेश कर दिया गया है। आरोपियों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं। सभी आरोपी एसआईटी ने पहले ही गिरफ्तार कर लिए थे।