लोकसभा सदस्य और आल इंडिया कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि पंजाब में सरहद पार से हो रही नशे और हथियारों की तस्करी रोकने के लिए केंद्र को ड्रोन रोकथाम तकनीक लगानी चाहिए।
इस तस्करी पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि वे इस बारे में केंद्रीय गृहमंत्री को पत्र भी लिख चुके हैं। तिवारी ने यह बात शनिवार को अमृतसर दौरे के दौरान मीडिया से कही। इससे पहले वे श्री दरबार साहिब और श्री दुर्ग्याणा मंदिर में नतमस्तक हुए और भारत के विभाजन पर बने संग्रहालय में करीब एक घंटा बिताया।
उन्होंने अफगानिस्तान के हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि तालिबान की वापसी से पाकिस्तान में बैठी अलगाववादी ताकतों को बल मिलेगा। इसका हमारे सरहदी राज्यों पंजाब और जम्मू-कश्मीर को बड़ा नुकसान होगा। पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत में अमन-शांति भंग करने की कोशिशें कर रही है। इसके लिए दो सालों से ड्रोन के जरिये नशा और हथियार भेजे जा रहे हैं। हमारे सुरक्षा बलों ने बड़ी मात्रा में इनकी बरामदगी की, परंतु आशंका है कि पूर्व में कई ड्रोन अपना लक्ष्य पाने में सफल रहे होंगे।
उन्होंने सीएम कैप्टन अमरिंदर की प्रशंसा करते हुए कहा कि पंजाब को कैप्टन जैसे अनुभवी और राजनीतिक समझ वाले नेता की जरूरत है, जो राज्य के मुद्दों पर अपना राजनीतिक भविष्य भी दांव पर लगाने से पीछे नहीं हटे।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को 22 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने के साथ गन्ने का भी मूल्य तय करना चाहिए। काले कृषि कानूनों के विरुद्ध हमारे संसदों ने संकल्प पेश किए, जो संसद में विचारे नहीं जा सके। उन्होंने लोकसभा स्पीकर से मांग की कि वह विशेष सदन बुलाकर इन संकल्पों पर चर्चा करवाएं।
कोविड को लेकर दिल्ली और केंद्र सरकार पर साधा निशाना
उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि जब दिल्ली में धनी और रसूखदार लोग कोरोना में ऑक्सीजन के बिना अस्पतालों की पार्किंग में मर रहे थे, उस समय भी पंजाब में अपने निवासियों के साथ बाहर से आए मरीजों का इलाज होता रहा।
बरगाड़ी मामले में जल्द मिलेगा इंसाफ
मनीष तिवारी ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बरगाड़ी मामले को फिर से खोला और इसमें चार्जशीट भी दाखिल की। उम्मीद है कि जल्द ही इसमें इंसाफ मिलेगा। अकाली-भाजपा सरकार ने तो इसकी जांच सीबीआई को सौंपी थी और पांच साल की जांच के बाद केस बंद करने की सिफारिश की थी। इसी तरह पुलिस गोलीबारी मामले में की गई जांच एक अधिकारी की गलती के चलते भले ही पटरी से उतर गई थी, लेकिन नई जांच टीम इसमें नए सिरे से इसमें काम कर रही है।