सुखजीत मंदबुद्धि आश्रम के 32 दिव्यांग बच्चों के हर पल पर अब सीसीटीवी कैमरे की नजर रहेंगी। लापरवाही के चलते दो बच्चों की मौत के बाद डीसी जसकिरण सिंह ने आश्रम को सीसीटीवी लगवाने का फैसला लिया है।
डीसी जसकिरण सिंह ने बताया कि आश्रम में नए कमरे की रेनोवेशन का काम चल रहा है। एक कमरा जैसे ही रेनोवेट हो जाएगा, वहां पर ठीक हो चुके 10 बच्चों के सोने का प्रबंध किया जाएगा। जब दूसरा कमरा तैयार हो जाएगा, उसके बाद बारी-बारी 10-10 करके बच्चों को वहां पर बेड लगाकर शिफ्ट किया जाएगा। पहले कमरे के पूरा होने में दो-तीन दिन का समय लग सकता है। तब तक बच्चे सिविल अस्पताल के वार्ड में डॉक्टरों की आब्जर्वेशन में रहेंगे।
उन्होंने बताया कि बच्चों के रहने, खाने, बाथरूम और अन्य मूलभूत सुविधाओं के पूरा होने के बाद भविष्य में ऐसी घटना न हो। इसके लिए आश्रम में सीसीटीवी कैमरे लगवाएंगे। इससे यहां दान देने आने वाले और अंदर बच्चों की देखभाल करने वाले स्टाफ पर हर समय नजर रखी जा सकेगी।
रविवार शाम को सुखजीत मंदबुद्धि आश्रम में दान में खाना देकर जाने वाले लोगों की तलाश करने के लिए डीसी ने एसएसपी को आदेश दिए हैं। डीसी ने कहा कि सुखजीत आश्रम के आसपास लगे सीसीटीवी खंगालने, झुग्गी-झोंपड़ी वाले और आसपास के लोगों से उनके बारे में जानकारी हासिल की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी निर्दोष को आरोपी नहीं ठहराया जाएगा। अगर कोई खाना दोपहर के समय देकर गया तो इसका मतलब है कि उसे उसी समय सर्व किया जाए।
अगर बांटने वाले इसे रात को या अगले दिन सुबह बिना चेक किए बांटता है तो इसमें दान देने वाले का कोई कसूर नहीं है। जिस दिन आश्रम को दान दिया गया, उसी समय वही खाना आसपास के झुग्गी-झोपड़ी वाले बच्चों ने भी लिया, लेकिन उनमें ऐसी कोई शिकायत सामने नहीं आई।