एसजीपीसी की कार्यकारिणी में 2020 में छठे गुरु श्री हरिगोबिंद साहिब द्वारा ग्वालियर के किले से 52 राजाओं को रिहा करवाने के बंदी छोड़ दिवस का 400वां साल और भगत नाम देव जी का 750वां प्रकाश दिवस भी मनाने की घोषणा की।
इस बैठक में गुरुद्वारा साहिब व ट्रस्ट के कई मामलों पर भी विचार किया गया। इस अवसर पर एसजीपीसी के सीनियर मीत प्रधान रघुजीत सिंह विर्क, जूनियर मीत प्रधान बिक्कर सिंह चनु व महासचिव गुरु बचन सिंह सहित कार्यकारिणी सदस्य भी मौजूद थे।
नौ को आएंगे प्रधानमंत्री
नौ नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में नतमस्तक होंगे। 11 नवंबर को गृह मंत्री अमित शाह और 12 नवंबर के मुख्य कार्यक्रम में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद हिस्सा लेंगे।
एसजीपीसी साधारण सभा की बैठक 27 नवंबर को होगी
एसजीपीसी के अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों के चुनाव के लिए साधारण सभा की बैठक 27 नवंबर को होगी। साधारण सभा की बैठक एसजीपीसी मुख्यालय में स्थित तेजा सिंह संमुद्री हॉल में दोपहर एक बजे होगी। गुरुद्वारा एक्ट के अनुसार एसजीपीसी के प्रधान का चुनाव एक वर्ष के बाद नवंबर में होता है।
एसजीपीसी की साधारण सभा के कुल 190 सदस्य हैं। इनमें 170 सदस्य पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश व चंडीगढ़ की सिख संगत द्वारा चुने जाते हैं। साधारण सभा 15 सदस्यों को मनोनीत करती है। पांच सिंह साहिबान भी साधारण सभा के सदस्य होते हैं लेकिन उन्हें वोट करने का अधिकार नहीं होता। 185 सदस्य वोट के अधिकारी हैं। इस समय साधारण सभा में शिअद (बादल) के लगभग 145 से अधिक सदस्य हैं।
श्री कुमार स्वामी के प्रतिनिधियों ने एसजीपीसी से मांगी माफी
एसजीपीसी की कार्यकारिणी की बैठक के दौरान ब्रह्मर्षि श्री कुमार स्वामी के प्रतिनिधियों का शिष्टमंडल पहुंचा और कार्यकारिणी के सामने एक माफीनामा पेश किया। इसमें श्री कुमार स्वामी के प्रतिनिधियों ने एक विज्ञापन में सिख भावनाओं को ठेस पहुंचने की माफी मांगी।
इस शिष्टमंडल में नारायण धाम दिल्ली के महासचिव सुशील वर्मा, पूर्व मंत्री डॉ. बलदेव राज चावला, बिपन आनंद और रोबिन तलवाड़ शामिल थे। भाई लौंगोवाल ने कहा कि श्री कुमार स्वामी द्वारा अपने प्रतिनिधि भेज कर माफी मांगी गई है। भविष्य में इस प्रकार की गलती न होने का आश्वासन भी दिया है।