मांगों को लेकर संघर्षरत पंजाब रोडवेज, पनबस व पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन ने सरकार के खिलाफ दोबारा प्रदर्शन करने की रणनीति बना ली है। यूनियन के प्रधान जोध सिंह ने ट्रांसपोर्ट विभाग, मैनेजिंग डायरेक्टर पनबस और मैनेजिंग डायरेक्टर पीआरटीसी को पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया है कि अगर 31 अक्तूबर को दोबारा से विभाग की तरफ से किलोमीटर स्कीम के तहत बसों को शामिल करने का टेंडर जारी किया गया तो बसों का चक्का जाम करेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार लगातार ट्रांसपोर्ट विभाग के कच्चे मुलाजिमों के साथ धक्केशाही कर रही है, मुलाजिमों को बातों में उलझा रही है, जबकि उनकी मुख्य मांगें पूरी नहीं की जा रही हैं। कर्मचारियों को पक्का करने के लिए जरूरी दस्तावेज सरकार को पहले ही सौंपे जा चुके हैं, लेकिन ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के कारण कर्मचारियों में भारी रोष है। किलोमीटर स्कीम की बसों का टेंडर डालकर सरकार प्राइवेट घरानों को फायदा पहुंचाना चाहती है। यूनियन पदाधिकारियों ने विरोध जताते हुए पिछले कई महीनों से किलोमीटर स्कीम का विरोध कर रहे है जिसके चलते पिछली दो बार से लगातार टेंडर रद्द करना पड़ रहा है, लेकिन बार-बार टेंडर जारी करना समझ से परे है।
ये हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें
प्रधान जोध सिंह ने बताया कि पिछले तीन साल से कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन की मुख्य मांग कच्चे मुलाजिमों को पक्का करना, विभाग में खाली पदों को भरना, किलोमीटर स्कीम के तहत बसों को विभाग में शामिल न करना, पंजाब में स्पेशल आपरेशन को रोकना, प्राइवेट बसों की मनमर्जी को रोकना, वर्कशॉप में स्टाफ की भर्ती, ट्रांसपोर्ट विभाग में कॉन्ट्रैक्ट भर्ती की बजाए रोडवेज में भर्ती करना का मांगें हैं, जिसे सरकार नजरअंदाज करती आ रही है।