खेमकरण के पास भारत-पाक सरहद पर बीएसएफ की 191 बटालियन में तैनात हवलदार चौथू राम की रविवार रात 9.45 बजे अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल में ब्रेन हैमरेज के कारण मौत हो गई।
शव का सोमवार को पोस्टमार्टम होने के बाद परिजनों को सौंप दिया। जिस बटालियन में हवलदार तैनात था उसने रविवार को चार तस्करों को ढेर कर दिया था।
हवलदार की मौत से आहत उसके भाई प्रभुदयाल निवासी सीकर, राजस्थान ने अस्पताल में कोई न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर न होने की वजह से अपना विरोध जताया।
प्रभुदयाल ने बताया कि 4 फरवरी को उसके भाई का खेमकरण में ड्यूटी के दौरान पैर फिसलने से ब्रेन हैमरेज हुआ था। तब से वह गुरु नानक देव अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती था। अस्पताल में न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर न होने के कारण उसका इलाज मेडिसन डॉक्टर की ओर से किया जा रहा था।
सेहत में कोई सुधार न होने के कारण हवलदार ने रविवार रात 9.45 मिनट पर दम तोड़ दिया। मृतक के भाई ने कहा कि अगर उसके भाई को पीजीआई में भर्ती कराया जाता तो शायद उसके भाई की जान बच सकती थी।
वहीं, गुरु नानक देव अस्पताल के मेडिकल अधीक्षक डाक्टर रामस्वरूप शर्मा ने खुद माना कि उनके अस्पताल में कोई न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर नहीं है। इसके लिए सरकार को कई बार लिखित रुप से लिख चुके हैं, लेकिन सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं आया।