शहर में दो बिस्वे जगह में बने मध्यवर्गीय मकान मालिकों को पानी के बिल आने पर लोगों में हाहाकार मच गई।
उपभोक्ताओं ने राज्य सरकार के प्रति रोष व्यक्त करते कहा कि अगर उनको भेजे गए पानी के बिल माफ न किए गए तो वे आगामी विधानसभा चुनाव में अकाली-भाजपा को वोट नही देंगे।
वीरवार को पानी के बिल आते ही लोग घरों से बाहर आ गए और इन मध्यवर्गीय लोगों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। अजायब सिंह ने कहा कि वह मजदूर है।
अब दिल का आपरेशन होने के कारण वे मजदूरी भी नहीं कर सकता। महंगाई के कारण वह दवा भी खरीद नहीं पाता। ऊपर से राज्य सरकार ने करीब 3000 हजार रुपये के पानी के बिल भेज दिया है।
बाबू सिंह ने कहा कि यहां तक कि पानी के बिल उन गरीब परिवारों को भी भेज दिए गए हैं जिनके घर पानी की खपत मापने वाले मीटर भी नहीं लगे हुए।
हरबंस लाल, मनजीत कौर, गुरप्रीत कौर व मनिंदर कौर, रेनु रानी, मदन लाल, वनीता रानी, शांति देवी, जगजीत सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने मध्यवर्गीय लोगों के साथ धोखा किया है। अगर उनके पानी के बिल माफ न किए गए तो वह आगामी विधानसभा चुनाव में अकाली भाजपा के उम्मीदवारों को वोट नही देंगे।
अकाली-भाजपा सरकार ने 1 जनवरी 2013 को मध्यवर्गीय लोगों को पानी के बिल लगाने के आदेश दे दिया था। आदेश के मुताबिक 1 जनवरी 2013 से लोगों को पानी के बिल लगाकर भेजे जा रहे हैं। जो लोग बिल नहीं भरेंगे उनको नोटिस दिए जाएंगे और कनेक्शन काटने के बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- गुरप्रीत सिंह, एसडीओ, सीवरेज व वाटर सप्लाई विभाग