गीता पर दावेदारी करने वाला अमृतसर का परिवार भी अब पीछे हट गया है। मूक बधिर दंपति के एक बेटे राजू ने कहा कि पाकिस्तान में रह रही गीता उसकी बहन नहीं है।
उसकी बहन का नाम पूजा है। वह छह साल पहले अमृतसर से जालंधर जाने वाली ट्रेन में भीख मांगने के लिए चढ़ी थी, उसके बाद से घर नहीं लौटी।
अमृतसर के रीगो ब्रिज के पास स्थित झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले राजेश और उनकी पत्नी रामदुलारी के तीन बेटे व तीन बेटियां हैं। इनमें से एक बेटी पूजा छह साल से लापता है। परिवार में राजू, करण, कृष्णा, दुर्गा और काजल हैं।
राजू ने कहा कि पूजा उनसे एक वर्ष छोटी है। उन्होंने भी टेलीविजन में उस लड़की की फोटो देखी है, जिसे गीता बताया जा रहा है। वह उसकी बहन पूजा नहीं है। राजेश ने अपने हाथों से छह का इशारा करते हुए कहा कि उसकी बहन पिछले छह साल से लापता है।
जब पूजा गुम हुई थी तो वह खुद उसे ढूंढने के लिए जालंधर, लुधियाना, अंबाला, दिल्ली और मुजफ्फरपुर तक गया। उसके माता-पिता गूंगे-बहरे हैं, इसलिए पूजा की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी कहीं दर्ज नहीं करवाई गई थी।
उनके पड़ोसी आत्मा, पप्पू और टीटू ने बताया कि पाकिस्तान में रहने वाली गीता पूजा नहीं है। इस परिवार को वह दो दशकों से जानते हैं। उनकी बेटी को गुम हुए पांच-छह साल ही हुए हैं।
राजू ने बताया कि वह ब्याह शादियों के दौरान मैरिज पैलेस में काम करता है। उसका जन्म इन्हीं झुग्गी झोपड़ियों में हुआ है। माता-पिता कहां के रहने वाले थे। इस बात की भी उसे कोई जानकारी नहीं है।
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान की ईदी फाउंडेशन के पास पिछले 13 साल से गीता नाम की एक लड़की है। दावा किया जा रहा है कि यह लड़की अमृतसर के एक मृक-बधिर दंपति की संतान है।
इस लड़की को भारत लाने के लिए केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज द्वारा पाकिस्तान स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। भारतीय दूतावास के अधिकारी ईदी फाउंडेशन कार्यालय में उससे मिलने के लिए भी गए थे।