भारत ने पाकिस्तान से दोस्ती का हाथ आगे बढ़ाते हुए तीन कैदियों को रिहा किया है। ये लोग अवैध रूप से पाकिस्तान से भारत में दाखिल हो गए थे।
पाकिस्तानी नागरिक कैदियों को सख्त सुरक्षा प्रबंध में अटारी सीमा पर लाया गया। इमिग्रेशन व कस्टम की कागजी कार्रवाई के बाद रिहा हुए कैदियों को अंतरराष्ट्रीय अटारी वाघा सड़क सीमा के रास्ते पाकिस्तान भेज दिया गया। कैदियों को बीएसएफ के सहायक कमांडेंट जेएस कंग ने पाकिस्तान के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट मोहम्मद सरवर के हवाले कर दिया।
आतंकी गतिविधियां फैलाने के आरोप में फाजिल्का से भारत की सीमा में दाखिल हुए मकसूद अहमद पुत्र मोहम्मद युसूफ निवासी चक्क नंबर 30 राकेन पंजाब पाकिस्तान को अमृतसर की केंद्रीय जेल में एक साल की सजा हुई।
अजगर अली पुत्र बैराग अली चक्क झंग पाकिस्तान राजौरी से भारत की सीमा में दाखिल हुआ था, जिसको तीन साल की सजा श्रीनगर की सेंट्रल जेल में काटनी पड़ी। मनीदू मेनसेख (35) मकान नंबर 565 सालीम कालोनी सफर सिंध पाकिस्तान झांसी से बार्डर क्रास करते हुए पकड़ा गया था जिसको दो साल की सजा दिल्ली की जेल में भुगतनी पड़ी ।